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यमन में शीया सुन्नी नफ़रत की ख़लीज वसीअ होती हुई

हसन सालेह एल्मर एदी ना सिर्फ यमनी दारुल हुकूमत सनआ से हूसी शीया बाग़ीयों की पस्पाई चाहता है, बल्कि वो चाहता है कि उन्हें चुन-चुन कर हलाक कर दिया जाये। यमन के दारुल हुकूमत सनआ से 130 किलोमीटर दूर वाक़े अमारब नामी इलाक़े से ताल्लुक़ रखने वाले एल्मर एदी का कहना है कि वो हूसी बाग़ीयों की पस्पाई ही नहीं सफ़ाया भी चाहते हैं।

सनआ के शुमाल में वाक़े अमारब से ताल्लुक़ रखने वाले एल्मर एदी ने कहा, मैं मारान तक उनका पीछा करूँगा। यमन के इस पेचीदा तनाज़े में सऊदी क़ियादत में इत्तिहादी फ़ोर्सेस सनआ पर क़ाबिज़ ईरान नवाज़ शीया बाग़ीयों के ख़िलाफ़ जंगजूओं की भरपूर मदद कर रही हैं और इसी तआवुन की वजह से सदर मंसूर हादी की हामी फ़ोर्सेस को मुतअद्दिद महाज़ों पर कामयाबी भी मिली है।

हुसीयों के ख़िलाफ़ लड़ने वाले गिरोह मुतअद्दिद हैं और ऐसा भी नहीं कि सब के सब सदर मंसूर हादी के हामी ही हैं। ताहम इन तमाम जंगजूओं में एक क़दर मुश्तर्क है और वो है शीया फ़िरक़े के ख़िलाफ़ नफ़रत।

ये एक नई और ख़तरनाक ख़लीज है, जो यमन में सदीयों एक दूसरे के साथ रहने वाले शीया और सुन्नी फ़िर्क़ों के अफ़राद के दरमयान गहरी होती जा रही है और इस का अंजाम निहायत ख़ौफ़नाक हो सकता है।

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