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यहूदी बस्तियों के खिलाफ जॉन केरी के भाषण से इज़राइल में हंगामा

वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने अपने एक भाषण में अधिकृत फिलीस्तीनी क्षेत्रों में यहूदी बस्तियों के निर्माण को शांति के रास्ते में बड़ी बाधा करार दिया है। इजराइल सरकार की ओर से केरी के भाषण की कड़ी आलोचना की जा रही है।

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डी डब्ल्यू की खबरों के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्री ने जो कुछ ही हफ्तों में अपने पद से विदा होने वाले हैं, उन्होंने अपनी 70 मिनट लंबे भाषण में कहा है कि इजराइल के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में यहूदी बस्तियां बनाने की नीति मध्य पूर्व में शांति की संभावना को कमजोर कर रही है। केरी के अनुसार अगर इजराइल अरबों के साथ किसी ऐसे समाधान तक नहीं पहुंच सका, जिसमें इजराइल और फिलिस्तीनी अपनी अलग-अलग राज्यों में रह सकें तो इजराइल कभी भी ‘वास्तविक शांति से परिचित न हो सकेगा।’

केरी के इस भाषण के जवाब में इजराइल में एक हंगामा बरपा हो गया है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत जवाबी बयान जारी करते हुए कैरी पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि इजराइल को विदेशी नेताओं के व्याख्यान की जरूरत नहीं है। अन्होने अधिक कहा है कि इजराइल नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद कर रहा है, जिन्होंने अधिक इजराइली समर्थक नीति अपनाने का प्रतिबद्धता जताया है।

केरी का यह खिताब इज़राइल और ओबामा प्रशासन के बीच कटु संबंधों के इस आठ वर्षीय संबंध की अंतिम कड़ी था जो यहूदी बस्तियों और ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम तय करने वाली डील पर मतभेद से पैदा हुए।

यह संबंध पिछले शुक्रवार को निचली उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जब सुरक्षा परिषद में इज़राइल के खिलाफ एक प्रस्ताव को वीटो न करने पर इजराइली सरकार ने ओबामा और केरी को आड़े हाथों लिया।

जैसे इस प्रस्ताव पर मतदान से अमरीका ऑफ़लाइन रहा था लेकिन अपने कल के भाषण में केरी ने इस प्रस्ताव का भरपूर समर्थन करते हुए कहा कि दो राज्य के समाधान अब सही मायने में खतरे में है और कहा कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में शांति के लिये अनगिनत बार खुलेआम और निजी स्तर पर भी इजराइल से बस्तियों का निर्माण रोक देने की अपील की है।

नेतनयाहू ने कहा कि पूरी अरब दुनिया में आग लगी हुई है लेकिन केरी ने अपना सारा जोर बोल केवल यहूदी बस्तियों पर ही कर दिया मानो यह विषय ‘उनके सिर पर सवार हो गया है।’ बुधवार को इज़राइल ने जबरन साथ मिलाए गये क्षेत्र पूर्वी यरूशलम में यहूदीयों के बसने के लिए एक बहु मंजिला भवन निर्माण की स्वीकृति देते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अपनी इस नीति पर कायम रहेगा। गौरतलब है कि नेतनयाहू को सबसे अधिक वोट इन्हीं बसतियों से मिलते हैं।

उधर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ट्विटर पर अपने संदेश में इज़राइल को प्रोत्साहित कर रहे हैं: ” इज़राइल डटे रहें, 20 जनवरी आ रहा है। ” समाचार एजेंसी रोइटरज़ के एक समीक्षा के अनुसार इज़राइल को भविष्य की ट्रम्प प्रशासन की वजह से तो उम्मीद है, हालांकि केरी के इस भाषण के बाद यह आशंका है कि और देश भी इज़राइल की ओर केरी ही की तरह के रुख अपनाएंगे और यूँ इज़राइल को रक्षात्मक स्थिति अख्तियार करना पड़ सकता है जैसे कि जर्मन विदेश मंत्री फ्रैंक वाल्टर शटाईन मेयर ने तुरंत केरी के स्टैंड पर पुर जोर समर्थन करते हुए दो राज्यिक समाधान को इजराइली फिलीस्तीनी संघर्ष का एकमात्र समाधान करार दिया है।

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