Friday , October 20 2017
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यह हुंकार नहीं, तकब्बुर

ज़ीरे आला नीतीश कुमार ने भाजपा के वज़ीरे आजम ओहदे के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर मंगल को पलटवार किया। नीतीश ने इलज़ाम लगाया कि मोदी में सबर नहीं है, उतावले हैं। झूठी कहानियां सुनाते हैं। मीठा खाते हैं, पर कड़वी बातें करते हैं।

ज़ीरे आला नीतीश कुमार ने भाजपा के वज़ीरे आजम ओहदे के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर मंगल को पलटवार किया। नीतीश ने इलज़ाम लगाया कि मोदी में सबर नहीं है, उतावले हैं। झूठी कहानियां सुनाते हैं। मीठा खाते हैं, पर कड़वी बातें करते हैं।

राजगीर में पार्टी के दो रोजा रियासती सतह “चिंतन शिविर” के एख्तेताम सेशन में वज़ीरे आला पूरे तेवर में थे। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, हुंकार का मतलब है- घमंड, दंभ। इसलिए हुंकार में अहंकार टपक रहा था। उन्होंने साफ अल्फ़ाज़ में कहा कि वह किसी भी हाल में भाजपा से मुआहेदा नहीं करनेवाले हैं। नरेंद्र मोदी का नाम लिये वज़ीरे आला ने कहा, जब हवा मसनुई है, तब हश्र भी मसनुई होगा। मुल्क की आवाम गुजरात के एक संत का हश्र देख रही है।

वज़ीरे आला ने कहा कि उस रैली में कई गलत बातें कही गयीं। सिकंदर को गंगा नदी के किनारे पहुंचा दिया गया, जबकि वह सतलज नदी तक भी नहीं पहुंच सके थे। तक्षशिला यूनिवर्सिटी को बिहार में बताया गया, जबकि वह पाकिस्तान में है। चंद्रगुप्त मौर्य को गुप्त वंश का बादशाह बताया गया। पटना हाइकोर्ट के एक जज के घर पार्टी में गुजरात गये थे। पीएम के टेबुल पर खाना-खाने की बात केवल हवाबाजी है। पूरी तरह एक झूठी कहानी कही गयी। जेपी को छोड़ा और बीजेपी को छोड़ने की बात सिर्फ तुकबंदी है। पूछा कि गांधी मैदान में भाषण देने के दौरान मोदी को क्यों इतना पसीना आ रहा था, वह क्यों बार-बार पानी पी रहे थे? ऐसा तो तब होता है, जब कोई झूठ बोलता है।

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