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यासिर अर्फ़ात की क़ब्र की खुदाई का आग़ाज़

रमला (फ़लस्तीनी इलाक़ा), १४ नवंबर (ए एफ पी): फ़लस्तीन में आज यासिर अर्फ़ात मरहूम की लाश को क़ब्र से निकालने का काम शुरू कर दिया गया है । उन्हें क़त्ल किए जाने का इल्ज़ाम आइद किया जा रहा है चुनांचे तहक़ीक़ाती मक़सद से माहिरीन ने लाश निकालने का फै

रमला (फ़लस्तीनी इलाक़ा), १४ नवंबर (ए एफ पी): फ़लस्तीन में आज यासिर अर्फ़ात मरहूम की लाश को क़ब्र से निकालने का काम शुरू कर दिया गया है । उन्हें क़त्ल किए जाने का इल्ज़ाम आइद किया जा रहा है चुनांचे तहक़ीक़ाती मक़सद से माहिरीन ने लाश निकालने का फैसला किया है।

यासिर अर्फ़ात ख़ानदान के करीबी ज़राए ने ये बात बताई । बावसूक़ ज़राए ने अपनी शनाख़्त मख़फ़ी ( गुप्त) रखने की शर्त पर बताया कि अर्फ़ात के मक़बरा से कंक्रीट और पत्थर निकालना शुरू कर दिया गया है। ये काम तकरीबन 15 दिन जारी रहेगा। उन्होंने क़ब्र की खुदाई और दीगर तफ़सीलात बताते हुए कहा कि ये काम कई मराहिल में अंजाम दिया जाएगा जबकि फ़्रांस, स्विटज़रलैंड और रूस के माहिरीन भी यहां पहुंचने वाले हैं जो यासिर अर्फ़ात के बाक़ियात का फ़ारंसिक मुआइना करेंगे।

माहिरीन ये मालूम करेंगे कि क्या उन्हें इंतिहाई ज़हरीली शए पोलोनियम के ज़रीया हलाक किया गया या नहीं। इस दौरान पेरिस में आज एक ज़रीया ने कहा कि फ़्रांस ने जजों के पैनल को नामज़द कर दिया है जो फ़लस्तीनी लीडर की मौत की तहकीकात शुरू करेगा। ये जजेस ( Judges) मग़रिबी किनारा के शहर रमला में अर्फ़ात के मुक़र्रा का दौरा करेंगे।

अर्फ़ात का 75 साल फ़्रांस में नवंबर 2004 में इंतेक़ाल हुआ था और फ़्रांसीसी डॉक्टर्स ये कहने से क़ासिर हैं कि क्या चीज़ उन की मौत का सबब हुई। कई फ़लस्तीनियों को यक़ीन है कि उन्हें इसराईल की जानिब से ज़हर दिया गया। क़बल अज़ीं ज़राए ने बताया कि अर्फ़ात के मक़बरा से सबसे पहले पत्थर और कंक्रीट को हटाया जाएगा और फिर फ़ौलादी ढांचा की कटिंग की जाएगी जिस के बाद हम क़ब्र तक पहुंच पाएंगे जहां यासिर अर्फ़ात मदफ़ून ( दफन) हैं।

उन्होंने कहा कि माहिरीन के पहुंचने तक बाक़ियात को निकाला नहीं जाएगा। मक़बरा में खुदाई का काम शुरू करने से क़बल उसे नीले तार पविलियन से ढांक दिया गया है। ओहदेदारों ने बताया कि नमूने हासिल करने का असल काम तवक़्क़ो है कि जारीया माह के अवाख़िर में शुरू होगा जबकि फ़्रांस और स्विटज़रलैंड के वफ़ूद 26 नवंबर को यहां पहुंचेंगे।

ज़राए ने ए एफ पी को बताया कि यासिर अर्फ़ात के आला मुक़ाम को मल्हूज़ रखते हुए किसी को भी किसी भी सूरत में तस्वीरकशी की इजाज़त नहीं दी जाएगी । उन की बाक़ियात के नमूने हासिल करने की तस्वीर भी नहीं ली जा सकती। फ़्रांस के इस्तिग़ासा ने क़त्ल की तहकीकात का उस वक़्त आग़ाज़ किया जब टी वी चैनल अलजज़ीरा ने अपनी तहक़ीक़ाती रिपोर्ट में सोइस माहिरीन के हवाला से कहा कि यासिर अर्फ़ात की ज़ेर ए इस्तेमाल अशिया में इंतिहाई ज़हरीले माद्दे ( पदार्थ) ताबकारी पोलोनियम के असरात पाए गए।

पोलोनियम एक इंतिहाई ज़हरीला ताबकारी माद्दा होता है जो फ़ौजी और साइंटिफिक इदारों के सिवा कहीं भी दस्तयाब नहीं होता।

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