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यासीन मलिक‌ और स्वामी अग्नी वेश कोरिया ली से रोक दिया गया

श्रीनगर फायरिंग में नौजवान की हलाकत की मज़म्मत, कश्मीरी पंडितों के लिए अलाह‌दा कॉलोनी की मुख़ालिफ़त, हुकूमत को फ़िक्र ना करने का मश्वरा

श्रीनगर

फायरिंग में नौजवान की हलाकत की मज़म्मत, कश्मीरी पंडितों के लिए अलाह‌दा कॉलोनी की मुख़ालिफ़त, हुकूमत को फ़िक्र ना करने का मश्वरा

जे के एल एफ़ सदर नशीन यासीन मलिक और समाजी कारकुन स्वामी अग्नी वेश को उस वक़्त हिरासत में ले लिया गया जब वो वसती कश्मीर के ज़िला बडगाम में निर्बल की सिम्त एहितजाजी मार्च की क़ियादत की कोशिश कररहे थे। यहां सिक्योरिटी फोर्सेस की फायरिंग में दो नौजवानों की हलाकत के बाद से एहतेजाज का सिलसिला जारी है।

पुलिस ने इन दोनों को मैसूमा में एहतियाती इक़दाम के तौर पर तहवील में ले लिया और उन्हें निर्बल की सिम्त मार्च से रोक दिया। गुज़िश्ता हफ़्ता जुनूबी कश्मीर के तराल इलाक़े में फ़ौजी कार्रवाई के दौरान दो नौजवान हलाक होगए थे। इस वाक़िये के ख़िलाफ़ आज एहतेजाज करने वाले अवाम पर सिक्योरिटी फोर्सेस ने फायरिंग करदी जिस में सुहेल अहमद सूफ़ी हलाक और दीगर दो ज़ख़मी होगए।

स्वामी अग्नी वेश ने आज सुबह यासीन मलिक के साथ मिलकर कश्मीरी नक़ल मुक़ाम करने वाले पंडितों के लिए अलाहदा बस्तीयों की तजवीज़ के ख़िलाफ़ निस्फ़ घंटे की भूक हड़ताल में हिस्सा लिया। इस मौक़े पर ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए यासीन मलिक ने कहा कि कश्मीरी अवाम नक़ल मुक़ाम करने वाले पंडितों के लिए अलाहदा कालोनीयों के क़ियाम के नाम पर अवाम को तक़सीम करने की इजाज़त नहीं देंगे।

हम किसी क़ीमत इन कालोनीयों की इजाज़त नहीं दे सकते। हमें मिलकर जीना और मिलकर मरना होगा। यासीन मलिक ने कहा कि पण्डित बिरादरी को वापसी के लिए हुकूमत की बजाय कश्मीरी अवाम से बात करनी चाहिए। अगर पण्डित भाईयों को कोई मुश्किल दरपेश है तो वो हम से रास्त बात करें।

यहां कश्मीर के अवाम या सियोल सोसाइटी मौजूद है। उन्हें चाहिए कि हुकूमत पर तकिया करने के बजाय हम से बात करें। हम पुरअमन, मुहब्बत और भाई चारगी का माहौल दुबारा क़ायम करना चाहते हैं जैसा कि अस्करीयत पसंदी के दौर से क़बल यहां का माहौल था। उन्हों ने फायरिंग में नौजवान की हलाकत की मज़म्मत की।

उन्होंने यकतरफ़ा जंग बंदी का ऐलान किया और कहा कि कश्मीर में तशद्दुद पर मबनी तहरीक से हिट कर अदम तशद्दुद पर मबनी जम्हूरी तहरीक इख़तियार करने के बावजूद अगर यही तर्ज़ अमल बरक़रार रहा तो फिर नौजवान किया दहशतगर्दी का रास्ता इख़तियार नहीं करेंगे? स्वामी अग्नी वेश ने कहा कि कश्मीर को सैकूलर किरदार और कश्मीरियत की वजह से जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि नक़ल मुक़ाम करने वाले पंडितों की वापसी का मुआमला हुकूमत को अवाम पर छोड़ देना चाहिए। हम चाहते हैं कि हुकूमत कुछ ना करे। हम अपने तौर पर सब कुछ करलींगे। तमाम मज़हबी क़ाइदीन को मिल कर पण्डित बिरादरी से उनकी वापसी के बारे में बात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवाम को मज़हब के नाम पर जिस तरह तक़सीम किया जा रहा है वो सिलसिला ख़त्म किया जाये और अवाम के दिलों को जोड़ते हुए मुहब्बत को आम किया जाये।

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