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यूसुफ़ रज़ा गिलानी की क़िस्मत का आज फ़ैसला

पाकिस्तान के परेशान हाल वज़ीर-ए-आज़म यूसुफ़ रज़ा गिलानी कल सुप्रीम कोर्ट में हाज़िर होंगे ताकि तहक़ीर अदालत के इल्ज़ाम में मुक़द्दमा का सामना करसकें जो उन की क़िस्मत का फ़ैसला कर देगी जो मुल्क को ताज़ा इंतिशार की दलदल में ढकेल सकता है क

पाकिस्तान के परेशान हाल वज़ीर-ए-आज़म यूसुफ़ रज़ा गिलानी कल सुप्रीम कोर्ट में हाज़िर होंगे ताकि तहक़ीर अदालत के इल्ज़ाम में मुक़द्दमा का सामना करसकें जो उन की क़िस्मत का फ़ैसला कर देगी जो मुल्क को ताज़ा इंतिशार की दलदल में ढकेल सकता है क्योंकि उन्हों ने सदर-ए-पाकिस्तान आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ जालसाज़ी के मुक़द्दमात के एहया से इनकार कर दिया है।

गिलानी पर एक बड़ी ज़रब लगाते पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ स्विटज़रलैंड को रक़ूमात की गै़रक़ानूनी मुंतक़ली के मुक़द्दमात के एहया के लिए सोइस ओहदेदारों को मकतूब रवाना करने के अपने इमकान की बार बार अदमे तामील पर वज़ीर-ए-आज़म यूसुफ़ रज़ा गिलानी पर तहक़ीर अदालत का मुक़द्दमा क़ायम किया था और गिलानी ने उन पर आइद फ़र्द-ए-जुर्म मंसूख़ करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी जिसे मुस्तर्द करदिया गया।

इनके दलायल तस्लीम करने से इंकार करते हुए अदालत ने गिलानी से कहा कि इन के पास सोइस ओहदेदारों को मकतूब रवाना करने के सिवाए कोई और मुतबादिल रास्ता मौजूद नहीं है ताकि ज़रदारी के ख़िलाफ़ मतलब साज़ी के मुक़द्दमात का अहा किया जाय क्योंकि कोई भी क़ानून से बालातर नहीं है।

बरसर-ए-इक्तदार पाकिस्तान पीपल्ज़ पार्टी के क़रीबी ज़राए के बमूजब कल दुबारा अदालत में पेशी के मौक़ा पर वज़ीर-ए-आज़म गिलानी अपने मौक़िफ़ पर क़ायम रहेंगे। अगर गिलानी को मुजरिम क़रार दिया जाय तो उन्हें फ़ौरी छः माह की सज़ाए क़ैद दी जा सकती है। वज़ीर-ए-आज़म के ओहदा से बरतरफ़ किया जा सकता है और आइन्दा पाँच साल तक किसी भी अवामी ओहदा पर फ़ाइज़ रहने के नाअहल क़रार दिया जा सकता है।

ताहम क़ानूनी माहिरीन ने निशानदेही की है कि ताहम सदर-ए-पाकिस्तान मुजरिम क़रार दिए जाने के बाद भी उन्हें माफ़ करसकते हैं। एक क़ौमी वकील एस एम ज़फ़र ने जो एम पी भी हैं कहा कि माफ़ी का सदारती इख्तेयार सिर्फ़ मुजरिम को माफ़ करसकता है लेकिन रिकार्ड में माफ़ी याफ़ता शख़्स मुजरिम बरक़रार रहेगा चुनांचे वज़ीर-ए-आज़म माफ़ी के बाद भी अपने ओहदे केलिए नाअहल क़रार पाएंगे और उन्हें उन के ओहदा से बरतरफ़ करदिया जाएगा।

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