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योगी जी! मेरे बेटे को टीबी की बीमारी से बचा लीजिए, नहीं तो वो भी मर जाएगा

बस्ती: उत्तर प्रदेश में एक ऐसे परिवार का मामला सामने आया जिसके सात सदस्य अबतक टीबी की बीमारी से मर चुके हैं। अब आठवें सदस्य को क्रिटिकल स्टेज में एमडीआर वार्ड में रखा गया है। यह परिवार संतकबीरनगर जिले का रहने वाला है।

जिंदगी और मौत से जुझ रहा राज साहनी बीए का छात्र है। उसकी बीमारी लास्ट स्टेज पर पहुंच चुका है। इसके परिवार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि वे उसे बचाने में मदद करें। परिवार वालो का कहना है कि अब उनका जीवन सरकार के भरोसे है। क्योंकि गरीबी की वजह से महंगा इलाज अब उनके बस की बात नहीं रही।

राज के पिता इंदल साहनी आंसू भरी आंखों से कहते है कि टीबी की बीमारी उनके घर में साल 2012 में पनपा। तब से लेकर अबतक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। और अब भी मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वे बताते हैं कि भाई के दो बेटे भी टीबी की बीमारी से पीड़ित हैं। छोटे भाई रूदल, इसके बाद रूदल की पत्नी, तीसरे नंबर के भाई रामकिशुन की पत्नी पुष्पा और चौथे नबंर के भाई परशुराम और उनकी पत्नी सरिता और उनके बेटे विशाल की मौत पिछले तीन साल में इस बीमारी की वजह से हो चुकी है।

राज के पिता बताते हैं कि वे गरीबी की वजह से बीमारी का ठीक से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। इसलिए सरकारी अस्पताल के भरोसे रहना पड़ रहा है। वे कहते हैं कि उनका बेटा राज बीए की पढ़ाई कर रहा है। बीमारी से ग्रसित होने के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां इसकी जांच हुई। लेकिन इलाज के कुछ ही दिनों बाद डॉक्टरों ने दोबारा उसे बस्ती के सरकारी अस्पताल भेज दिया है।

वहीं दूसरी तरफ जिला क्षय रोग अधिकारी फकरेयार का कहना कि पीड़ित परिवार ने सावधानी नहीं बरती होगी और उसी की वजह से इस परिवार में लगातार मौतें हो रही है। लेकिन अब राज का इलाज विभाग काफी गंभीरता से करेगा ताकि इस सिलसिले को रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि उनके बेटे को अभी एमडीआर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां उस मरीज को शिफ्ट किया जाता है, जिसकी बीमारी लास्ट स्टेज पर पहुंच चुकी होती है। इंदल साहनी कहते हैं, “हमारा परिवार अब प्रदेश की सरकार के भरोसे ही है कि कोई मदद मिल सके। गरीबी के चलते महंगा इलाज कराना मुश्किल हो रहा है और सरकारी तंत्र से कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है।”

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