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योगी में दम है तो संघ और भाजपा नेताओं के स्लाटर हाउसों को बंद करके दिखाएं

लखनऊ। मुस्लिम समाज के अत्यंत पिछडे वर्ग कुरैशी समाज की रोजी-रोटी पर योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने कुठाराघात करते हुए जिस तरह स्लाटर हाउसो को बंद करने का फरमान जारी किया है वह पूर्णता असंवैधानिक कृत्य है। अगर योगी में दम है तो संघ और भाजपा नेताओं के स्लाटर हाउसों को बंद करके दिखाएं। यह बात कुरैशी महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष मो. शकील कुरैशी और भारतीय निर्माण मजदूर यूनियन (भानिमयू) के नेता व न्याय मंच के अध्यक्ष अमित मिश्रा ने कही है।

 

 

 

न्याय मंच अध्यक्ष व मजदूर नेता अमित मिश्रा ने योगी सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश भर में भाजपा नेताओं के स्लाटर हाउसों को आर्थिक लाभ पहुचांने के लिये संघ के इशारे पर गरीब मुस्लिम समुदाय के पिछड़े वर्ग कुरैशी समाज को आर्थिक तौर पर कंगाल करने का षंडयत्र रचा गया है। अगर योगी मे दम है तो वह आरएसएस व भाजपा के बडे़ नेताओं स्लाटर हाउस व बूचडखाना बन्द करें लेकिन वह ऐसा नही करेंगे क्योंकि उन्हें संघ से जुड़े लोगों का बिजनेस बढ़ाना है और मांस के मुस्लिम कारोबारीयो को डराकर अरबों रुपये चन्दा लेने की योजना है।

 

 

 

अपने संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने कहा कि यह सरकार सारे फैसले साम्प्रदायिक व जातिगत आधार पर कर रही है। कुरैशी ने योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह योगी मुस्लिम समुदाय के अत्यंत पिछड़ा अशिक्षित कुरैशी समाज जो अपने व्यापार से राज्य सरकार को हर वर्ष 19000 करोड का राजस्व उपलब्ध कराता है, वह सरकार के इस साम्प्रदायिक व मुस्लिम विरोधी फैसले से भुखमरी व बेरोजगारी के कगार पर पहुंच जायेगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार संवैधानिक व प्रशासनिक संस्थाओ को पंगु बना रही है। उन्होंने कहा कि हाथरस में मांस की दुकानों पर की गई लूटमार व आगजनी मे संघ और बजंरग दल के लोग शामिल थे। अब वही लोग सरकारी संरक्षण में पूरे प्रदेश में इस घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहे हैं।

 

 

 
दोनो नेताओं ने साझा बयान में कहा कि कुरैशी महापंचायत, न्याय मंच और भारतीय निर्माण मजदूर यूनियन संयुक्त रुप से योगी की मुसलमानो के प्रति दमनकारी साम्प्रादायिक नीतियो के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर दलितों मुसलमानों मजदूरों के हक के लिये संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि मांस से सम्बन्घित चमड़े की सफाई के पेशे से जुड़े दलित समुदाय के मजदूरों के खिलाफ साम्प्रदायिकता को आधार बनाकर योगी सरकार की दहशत पैदा करते हुए मुसलमानों को बेरोजगार कर भूखों मारने की पूरी योजना है।

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