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यौन शोषण मामले में चर्चित ढोंगी फलाहारी बाबा भी पहुंचे जेल, जमानत याचिका खारिज

जयपुर : यौन उत्पीड़न के मामले में राजस्थान में अलवर के फलाहारी बाबा के नाम से चर्चित एक ढोंगी बाबा भी जेल पहुंच गये हैं. स्थानीय पुलिस ने इन फलाहारी बाबा को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद एसीजेएम-तृतीय की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.  राजस्थान में अलवर के फलाहारी बाबा उर्फ कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य महाराज को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। बिलासपुर की लॉ की स्टूडेंट ने बाबा पर रेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने बाबा का मेडिकल करवाया है। इस रिपोर्ट में फलाहारी बाबा मानसिक, शारीरिक और पुरुषत्व जांच (पोटेंसी टेस्ट) में फिट पाया गए हैअधीनस्थ अदालत में बाबा की जमानत याचिका भी लगायी गयी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया. बाबा पर छत्तीसगढ़ की एक एलएलबी छात्रा ने यौन शोषण के प्रयास का आरोप लगाया था.

इस बीच पुलिस ने बाबा के आश्रम से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क व एक लेपटॉप भी बरामद किया है. बाबा के खिलाफ धारा 376 व 506 के तहत मामला दर्ज है. आरोप है कि जयपुर में कानून की पढ़ाई कर रही छत्तीसगढ़ की एक छात्रा का परिवार फलाहारी बाबा में आस्था रखता था. आरोपी बाबा ने ही शिकायतकर्ता छात्रा को इंटर्नशिप में प्रवेश दिलवाया था. सात अगस्त को वह अलवर स्थित बाबा के आश्रम में उनके दर्शन के लिए आयी थी. फलाहारी बाबा ने चंद्रग्रहण बताते हुए उसे आश्रम में ही रोक लिया. फलाहारी बाबा पर आरोप है कि बाबा ने रात में परिवार का हालचाल पूछने के बहाने उसे अपने कमरे में बुलाया और फिर छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया.

रिपोर्ट में ये बात थी सामने आई है कि फल हारी बाबा की उम्र 65 साल है और उनका वजन 80 किलोग्राम है।  बाबा के आश्रम से बताया गया है कि बाबा केवल फल ही खाते थे। इसीलिए इनका नाम फलाहारी बाबा था। बाबा फलों के साथ ही दूध और गंगाजल का सेवन भी करता था। थानाधिकारी के अनुसार प्रपनाचार्य महाराज उर्फ फलाहारी महाराज के अलवर में काफी इलाके में फैला आश्रम है. स्कूल, धर्मशाला संचालित हैं और देश-विदेश में लाखों अनुयायी हैं.  पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

फलाहारी बाबा के वकील अशोक शर्मा ने कहा कि हम सोमवार को सेशन कोर्ट में अपील करेंगे. हमने बाबा की बीमारी के आधार पर अधीनस्थ न्यायालय से मेडिकल एड की अपील की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने जेल अधीक्षक को जरूरत पड़ने पर बाबा के उचित उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है.

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