Monday , October 23 2017
Home / Hyderabad News / यौम तालीम मनाने के लिए रुकमी मंज़ूरी पर ज़ोर

यौम तालीम मनाने के लिए रुकमी मंज़ूरी पर ज़ोर

हैदराबाद 10 नवंबर : डाक्टर ए के ख़ां रियास्ती सदर ए पी मुस्लिम माएनारीटी इम्पलाइज़ वीलफ़ीर एसोसी उष्ण ने एक सहाफ़ती ब्यान जारी करते हुए बताया कि हकूमत-ए-हिन्द की जानिब से 11 सितंबर 2008 को फ़ैसला किया गया कि मुल्क् के पहले वज़ीर-ए-ताअलीम मौ

हैदराबाद 10 नवंबर : डाक्टर ए के ख़ां रियास्ती सदर ए पी मुस्लिम माएनारीटी इम्पलाइज़ वीलफ़ीर एसोसी उष्ण ने एक सहाफ़ती ब्यान जारी करते हुए बताया कि हकूमत-ए-हिन्द की जानिब से 11 सितंबर 2008 को फ़ैसला किया गया कि मुल्क् के पहले वज़ीर-ए-ताअलीम मौलाना अब्बू उल-कलाम आज़ाद के यौम-ए-पैदाइश की याद में हिंदूस्तान की तमाम रियास्तों में हर साल 11 नवंबर को क़ौमी यौम तालीम ( क़ौमी यौम अक़ल्लीयत ) सरकारी तौर पर मनाने का फ़ैसला करते हुए अहकामात जारी कर दिए ।

लेकिन ज़िलई सतह पर क़ौमी यौम तालीम मनाने के ताल्लुक़ से आगाही नहीं है और इस के लिए रुकमी मंज़ूरी भी नहीं , अक़ल्लीयती महिकमा की जानिब से अक़ल्लीयती बहबूद के जो प्रोग्राम्स मुरत्तिब किए गए हैं इस का भी शऊर अक़ल्लीयती तबक़ा को नहीं है खासतौर पर वज़ीर-ए-आज़म के 15 नकात के मंसूबा के मुताल्लिक़ , सरकारी तौर पर आगाही प्रोग्राम्स मुनाक़िद होना चाहीए ।

इन तमाम हालात को मद्द-ए-नज़र रखते हुए ए पी मुस्लिम माएनारीटी इम्पलाइज़ वीलफ़ीर एसोसी उष्ण का एक हंगामी इजलास बरोज़ इतवार मुनाक़िद किया गया जिस में डाक्टर एम ए फ़हीम एसोसी ऐट परीसीडनट , जनाब ग़ुलाम जीलानी अंसारी रियास्ती नायब सदर , जनाब कलीम उद्दीन अहमद रियास्ती मोतमिद , डाक्टर मुहम्मद मुकर्रम शरीक मोतमिद , जनाब अक़ील अहमद रुकन , जनाब मुहम्मद हनीफ़ सदर ज़िला नालगोंडा ने शिरकत की और एक क़रारदाद मंज़ूर की गई ।

जिस में रियास्ती वज़ीर-ए-आला , वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद , वज़ीर-ए-ताअलीम से नुमाइंदगी करते हुए मुतालिबा किया गया कि मुजाहिद आज़ादी हिंद मौलाना अब्बू उल-कलाम आज़ाद की याद में सरकारी तौर पर मनाए जाने वाले क़ौमी यौम तालीम ( क़ौमी यौम अक़ल्लीयत ) का इनइक़ाद कामयाब करने के लिए माक़ूल रुकमी मंज़ूरी दी जाय और ज़िलई सतह पर कमेटी का वजूद हो और कमेटी में अक़ल्लीयती तबक़ा के हर ग्रुपस से एक या दो उम्मीदवार को शामिल किया जाय ताकि हुकूमत के अक़ल्लीयती बहबूद के प्रोग्राम्स के मुताल्लिक़ शऊर जगाने में मदद मिले और अक़ल्लीयती तबक़ा हुकूमत की स्कीमस से मुस्तफ़ीद हो सकें ।

TOPPOPULARRECENT