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रजोना को फांसी की सज़ा-ए-मुल्तवी , पंजाब बंद

बपरख़ालसा के दहश्तगर्द बलवंत सिंह रजोना (Balwant Singh Rajoana)को फांसी की सज़ा-ए-पर अमल आवरी मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से मुल्तवी कर दी गई। रजोना को साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर पंजाब बेंत सिंह के क़तल के जुर्म में हफ़्ता के दिन फांसी दी जाने वाली थी। मोतमि

बपरख़ालसा के दहश्तगर्द बलवंत सिंह रजोना (Balwant Singh Rajoana)को फांसी की सज़ा-ए-पर अमल आवरी मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से मुल्तवी कर दी गई। रजोना को साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर पंजाब बेंत सिंह के क़तल के जुर्म में हफ़्ता के दिन फांसी दी जाने वाली थी। मोतमिद दाख़िला ने हकूमत-ए-पंजाब को मकतूब रवाना करते हुए कहा कि 44 साला रजोना की फांसी की सज़ा जो 31 मार्च को चन्डीगढ़ अदालत के हुक्म पर दी जाने वाली थी, मुल्तवी कर दी गई है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (ऐस जी पी सी) ने दस्तूर की दफ़ा 72 के तहत रजोना को माफ़ी के लिए दरख़ास्त दाख़िल की है, जिस की बिना पर फांसी की सज़ा-ए-मुल्तवी कर दी गई है। मर्कज़ की मुदाख़िलत इस सिलसिला में ज़रूरी हो गई थी क्योंकि मुआमला ने सयासी मोड़ ले लिया था और पूरी रियासत पंजाब में फांसी की सज़ा-ए-के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर एहितजाजी मुज़ाहिरे किए जा रहे थे।

आज इस सज़ा के ख़िलाफ़ पंजाब बंद भी मनाया गया था। चीफ़ मिनिस्टर प्रकाश सिंह बादल ने इद्दिआ किया था कि अमन और फ़िर्कावाराना हम आहंगी बहर क़ीमत बरक़रार रखी जाएगी और जो लोग सूरत-ए-हाल का फ़ायदा उठाने की कोशिश करेंगे, उन्हें इंतिबाह दिया था। डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर सुखबीर सिंह बादल ने भी अवाम से अपील की थी कि अमन बरक़रार रखें। सिखों के आला तरीन मज़हबी इदारे अकाल तख्त की हिदायत पर रजोना की ताईद में रियासत में मुख़्तलिफ़ मुक़ामात ख़ुसूसी दुआंए इजतेमाआत मुनाक़िद किए गए।

पंजाब के साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर बईनत सिंह के क़त्ल के मुजरिम बलवंत सिंह राजोना को मुजव्वज़ा फांसी के ख़िलाफ़ सिखों की इंतेहापसंद तंज़ीमों ने आज एक रोज़ा बंद मनाया जिसके नतीजा में पंजाब में आम ज़िंदगी मुतास्सिर रही । पटियाला से मौसूला इत्तेलाआत के बमूजब बंद मुकम्मल रहा ।

इस शहर में रजोना मुक़ामी सेंटर्ल जेल में क़ैद हैं और 31मार्च को फांसी पर लटकाए जाने का इंतेज़ार कर रहा है । चंडीगढ़ की सेशन अदालत ने राजोना को मुक़र्ररा तारीख़ पर फांसी पर लटका देने का हुक्म दिया है । सनअती टाउन लुधियाना में सूरत-ए-हाल पुरअमन रही और होटलें और खाने के दीगर मुक़ामात खुले रहे जब कि चंद तिजारती इदारे भी जुज़वी तौर पर खुले रहे ।

फगवाड़ा में बंद मुकम्मल रहा ये शहर दिल्ली । जालंधर क़ौमी शाहराह पर वाक़्य है । ट्रैफ़िक मामूल के मुताबिक़ देखी गई ताहम सरकारी ट्रांसपोर्ट गाड़ीयों में मुसाफ़िर यन की तादाद कम रही । पंजाब के हस्सास इलाक़ों में सिक्योरीटी फोर्सेस की गश्त जारी रही । अमन‍ ओ‍ ज़ब्त बरक़रार रखने के लिए सख़्त इक़दामात किए गए थे । लेकिन सिखों के एक ग्रुप ने सड़कों पर मुज़ाहिरा किया और मख़सूस पर्चम लहराए गए ।

सख़्त गीर सिख तंज़ीमों दल ख़ालसा ख़ालसा ऐक्शन कमेटी और खलरा मिशन आर्गेनाईज़ेशन ने सिक़्ख बिरादरी से अपील की है कि वो रज़ाकाराना तौर पर अपने तमाम कारोबारी इदारे बंद करते हुए पुरअमन तौर पर एक रोज़ा एहतिजाज में हिस्सा लें ।

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