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रवादारी ,रहम ,हमदर्दी और ख़ुलूस के उसूलों को सरफ़राज़ करने की अपील

सदर जम्हूरीया हिन्द प्रण‌ब मुख‌र्जी ने आज अवाम से ख़ाहिश की कि वो रहम ,हमदर्दी ,ख़ुलूस और रवादारी के उसूलों को सरफ़राज़ करें ताकि मुआशरे में इन्हितात पज़ीर अख़लाक़ी इक़दार का तहफ़्फ़ुज़ मुम्किन होसके। चैतन्या महा प्रभु म्यूज़ीयम का संग-ए-बुनियाद रखने के बाद ख़िताब करते हुए सदर जम्हूरीया हिन्द ने कहा कि अगर बहैसीयत मजमूई मुआशरा साफ़ सुथरा रखना हो तो हमें अपनी बरसों पुरानी रवायात पर अमल आवरी करना होगा। उन्होंने कहा कि तबदीली के लिए ज़ोर देना होगा जैसा कि चैतन्या महा प्रभु ने किया था।

संत महात्मा कीज़नदगी का तज़किरा करते हुए प्रण‌ब मुख‌र्जी ने कहा कि वो और उन जैसे साहिब बसीरत अफ़राद जैसे महा रितिमा गौतमबुद्ध मुस्लेह-ए-क़ौम थे ।जिन्होंने मुआशरे को तमाम बुराईयों से पाक करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि री चेतन्या सिर्फ़ समाजी मुसल्लेह नहीं बल्कि एक इन्क़िलाबी थे। जिन्होंने बरसों से जारी समाजी निज़ाम के ख़िलाफ़ उठ खड़े होने की जुराअत की क्योंकि ये निज़ाम तंगनज़र और मुतास्सिर नज़रियात पर मबनी था जिस ने अवाम के कई तबक़ात को मुआशरे से ख़ारिज कर दिया था।

उन्होंने कहा कि 525 साल क़बल पैदा होने वाले संत महात्मा चेतन्या महा प्रभु ने बंगाल में एहतिजाजियों की तहरीक की क़ियादत की । ये हिन्दुस्तानी रुहानी निशात सानिया की पहली लहर थी। उन्होंने आलमगीर इंसानियत का परचार किया। सदर जम्हूरीया ने गोड़या मठ के अदा किए हुए किरदार की भी सताइश की जिस ने तालीम और ग़रीबों को तिब्बी तालीम फ़राहम करने की , उम्र रसीदा अफ़राद की ,बीमारों और मजबूर तबक़ात की देख भाल और ग़रीबों को राहत रसानी के इक़दामात किए। उनकी ख़िदमात के अलावा जो उन्होंने आफ़ात समावी जैसे चैलेंज से भरपूर माहौल में अदा की थीं,गोड़या मठ का बड़ा हिस्सा था।

तृणमूल कांग्रेस के सीनीयर क़ाइद सुदीप बुंडू पाधयाए ने कहा कि कबायलियों से लेकर दीगर दबे कुचले तबक़ात तक अवाम के तमाम तबकों में घुल मिल जाना इस्लाही तहरीक पर अमल आवरी करने वाले मुमताज़ अफ़राद की ख़ुसूसीयत थी। उन्होंने अपने इस मौक़िफ़ का इद्दिआ किया कि स्वामी विवेकानंद का 150 वां यौम-ए-पैदाइश जारीया साल चेतन्या प्रभु के 525 वीं यौम-ए-पैदाइश के साथ मनाया जा रहा है। सुदीप बुंडू पाधयाए ने कहा है कि दोनों अज़ीम शख़्सियतों ने अपना काम कोलकता के इलाक़ा बाग बाज़ार से शुरू किया था। मग़रिबी बंगाल के गवर्नर ऐम के नारायण भी इस मौक़े पर मौजूद थे।

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