Friday , October 20 2017
Home / Khaas Khabar / रांची के इरम लॉज में मिले 9 जिंदा बम, हो रही थी अगले बम धमाके की साजिश

रांची के इरम लॉज में मिले 9 जिंदा बम, हो रही थी अगले बम धमाके की साजिश

रांची शहर वाकेय् हिंदपीढ़ी के एक लॉज में पीर के दिन शाम हुई छापेमारी में नौ बम बरामद हुए। टाइमर लगे इन बमों को सिर्फ बैट्री से जोड़ना बाकी थी। ये बम पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए बम से मिलते- जुलते हैं। कौमी जांच एज

रांची शहर वाकेय् हिंदपीढ़ी के एक लॉज में पीर के दिन शाम हुई छापेमारी में नौ बम बरामद हुए। टाइमर लगे इन बमों को सिर्फ बैट्री से जोड़ना बाकी थी। ये बम पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए बम से मिलते- जुलते हैं। कौमी जांच एजेंसी (एनआइए) व पुलिस टीम ने पटना ब्लास्ट के मास्टर माइंड तहसीन अख्तर उर्फ मोनू की तलाश में छापेमारी की थी।

इस दौरान 19 डेटोनेटर, जिलेटिन की 25 छड़ें व तीन टाइमर भी बरामद हुए हैं। तफ्तीश की जा रही है कि बम दिसंबर में रांची में होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली के लिए तो नहीं तैयार किए गए थे।

हिंदपीढ़ी इलाके के सेकंड स्ट्रीट वाकेय् ईरम लॉज में पीर के दिन तकरीबन सात बजे छापेमारी शुरू हुई। एनआइए के साथ शहर पुलिस सुप्रीटेंडेंट मनोज रतन चौथे व पुलिस टीम भी थी। छापेमारी में लॉज से कुछ कागजात भी जब्त हुए हैं। बरामद बमों को नकारा करने के लिए बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया था।

पुलिस लॉज के मैनेज़र मंजर इमाम से पूछताछ कर रही है। छापे की कार्रवाई किए जाने वाले लॉज के कमरा नं0: 8 में ओरमांझी के चकला गांव का साकिन मुजुबुल ठहरा हुआ था।

बताया जाता है कि वह पिछले कुछ महीनों से इस कमरे में किराये पर रह रहा था। ज़राये के मुताबिक मुजिबुल यहां यूपीएससी की तैयारी के नाम पर रहता था। इस दौरान इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। इन बमों की बरामदगी से इस बात की तस्दीक होती है कि पटना में इस्तेमाल बम हिंदपीढ़ी में ही बनाकर भेजे गए थे।

ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार इम्तियाज ने भी अपने खुलासे में हिंदपीढ़ी से दहशतगर्दो के मुताल्लिक उजागर किया था।

शहर के हिंदपीढ़ी वाकेय् लॉज में छापेमारी के बाद जांच एजेंसियां मुजिबुल की तलाश में जुटी हैं। लॉज के जिस कमरे में छापेमारी की गई थी, उसमें ठहरा मुजिबुल पिछले 19 अक्तूबर से लापता है। इस बीच, टीम ने रांची से बीस किलोमीटर दूर ओरमांझी के चकला गांव में दबिश दी।

पुलिस ने मुजिबुल के घर की तलाशी ली लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में उसके वालिद जाबिर अंसारी व बड़े भाई जितरूल अंसारी को पुलिस अपने साथ ले गई। छापेमारी में पुलिस को मुजिबुल के घर से जमात-ए-हिंद की रसीद मिली है।

ईरम लॉज के मैनेज़र मंजर इमाम ने पुलिस को बताया कि मुजिबुल से मिलने हैदर नामी नौजवान आता था। उसने तहसीन उर्फ मोनू के बारे में कोई इत्तेला नहीं दी। हैदर आइएम का मेम्बर है। लॉज के कमरे में मुजिबुल के साथ रहने वाले नौजवान की भी पुलिस तलाश कर रही है।

लॉज से बरामद बम दो-दो किलो के हैं। रांची के एसएसपी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि वाकिया के तार ( ताल्लुक) ओरमांझी के चकला गांव से जुड़े हैं। यहां से दो-तीन नौजवान लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। पटना ब्लास्ट में बरामद टाइमर और रांची में बरामद टाइमर एक ही (लोटस कंपनी) हैं।

इधर, कौमी जांच एजेंसी (एनआइए) ने रांची के नगड़ी वाकेय् नवासराय मस्जिद से एक नौजवान को उठाया। नौजवान का नाम आबिद है। जांच एजेंसी उससे पीर की सुबह से ही गोंदा थाने में पूछताछ कर रही है। उसी की निशानदेही पर एजेंसी ने हिंदपीढ़ी में छापेमारी की।

बशुक्रिया : जागरण

TOPPOPULARRECENT