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राजस्थान में बीफ पर हुआ वबाल, पुलिस की मौजूदगी में संघ से जुडे संगठनों ने घरों में जमकर की लूट पाट !

मेवात (राजस्थान) 16 सितंबर। अलवर जिले के नोगावा थाना क्षेत्र के गांव रेवाड़ा बास में करीब 36 गायो के कंकाल मिलने सूचना पर पुलिस ने इस मामले में एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में संघ से जुडे कुछ संगठनों ने करीब 50 घरों में जमकर लूट,पाट और तोड फोड और महिलाओं के साथ मारपीट भी की ।

नोगावा थाना प्रभारी शिवराज गूजर ने बताया कि उनको सूचना मिली गांव कोराली के समीप रेवाड़ा का बास में 36 गाय कटी हुई है। वहां उन्हें करीब 36 गायों के कंकाल पड़े हुए मिले है और छह गाय जिन्दा बचाई गयी है पुलिस को देखकर गाय काटने वाले लोग भाग गए। एसडीएम रामगढ़ की देखरेख में मेडिकल टीम ने मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया है। गांव के सभी ग्रामीण अपने घरों को खुला छोड़ कर भाग गए और गांव में कोई भी नहीं बचा है। पुलिस ने गायों को बांधकर काटने में उपयोग में लिए गए रस्सों को बरामद किया गया है तथा 12 लोग गिरफ्तार किये जा चुके है। ग्रामीणों द्वारा पुलिस की देखरेख में घरों में लूट-खसोट, मारपीट  किये जाने के सवाल पर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं किया बल्कि खुद ग्रामीणों ने ही अपने बचाव में घरों में तोड-फोड की है।

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क्या कहते है पुलिस अधिक्षक
जिला अलवर के एसपी राहुल प्रकाश का कहना है कि गांव में तनाव न फैले इसके लिये पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है। उन्होने कहा कि किसी निर्दोश को फंसाया नहीं जाऐगा।

ग्रामीणो में पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप
बुजुर्ग सिताबी का कहना है कि उनके पास मस्जिद के एक लाख 17 हजार रूपये रखे थे आरोपी उनसे सभी पैसे लूट कर ले गये। रहीमुद्दीन ने बताया कि करीब 300 लोग जिनके हाथों में लाठी डंडे और हथियार थे उन्होंने आते ही महिलाओं के साथ मारपीट शुरू कर दी और घरो में लूट-पाट और तोड फोड भी कि । उन्होंने बताया कि वह तो भीड को देखकर भाग गया लेकिन उसके घर से 50 हजार रूपये नगद और करीब एक किलो चांदी के जेवर लूट ले गये। खालिद ने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब तीन बजे पुलिस के साथ, आरएसएस, बजरंगदल, शिवसेना  आदी से जुडे करीब 300 युवा आये उन्होने आते ही उनके घर में फ्रीज, कूलर, अलमारी, सूटकेस तोड़ दिए । इसके अलावा वे घर की महिलाओं से करीब 500 ग्राम चांदी के जेवर लूट ले गये।
गाँव की ही तसलीमा ने रोते हुऐ बताया कि जब पुलिस और संघ के लोगों को आता देखा तो उनके आदमी घरों से भाग गये। वह अपने घरों पर ही थी पुलिस वालों और उनके साथ आये लोगों ने औरतों के साथ मारपिटाई की डंडे बरसाये।

गांव के शाहिद खान का कहना है कि पुलिस ने जिन 12 लोगों को पकडा है उनमें एक भी दोषी नहीं है बल्कि उनके गांव का जावेद और जुन्ना दो भाई घर पर ही थे जब पुलिस आई तो उन्होने पूछा क्या हो गया तो उनको भी पुलिस ने पकड कर गाडी में डाल लिया। इसके अलावा पुलिस द्वारा पकडे गये कुछ लोगों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो गाँव में अपने रिश्तेदारों से ईद मिलने आये थे |

गांव के जसमाल ने बताया कि भीड मे आये बदमाशों ने कई बकरों की हत्या कर दी, कई को वे अपने साथ लये। घरों में बंधी हुई भैंसो को खोल कर भगा दिया। जिनमें से काफी भैंसे गुम हो गई है। गांव के लोगों ने जो पानी भरने के लिये अपने सबमर्सिबल लगा रखे थे आरोपियो ने उन पाईपों को काटकर मोटरों को बोरिगों में डाल दिया जिससे लोगों को करोडों रूपये का नुकसान हो गया है।
गांव के लोगों ने बताया कि डर कि वजह से उन्होने अपनी बहुओं और बेटियों को रिश्तेदारियों में भेज दिया है क्यूंकि उनको डर है कि  पुलिस और हमलावर उनकी बहन बेटियों के साथ कोई भी हरकत कर सकते हैं।

गांव में है दहशत का माहौल
रमजान चौधरी का कहना है कि रेवाडा का बास ही नहीं बल्कि कौराली आदी गांव में दहशत का माहौल है। सभी लोग अपने घरों को छोड कर भाग गये हैं कहीं पुलिस उनको बेवजह ने फंसा दे। उन्होने कहा गांव पूरी तरह से सुनसांन हो गया है।
समाजसेविका शबनम हाशमी और रमजान चौधरी सहित एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को गांव रेवाड़ा का बास का दौरा किया। इस मौके पर उन्होने पीडित लोगो से हालात का जायजा लिया। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुऐ शबनम हाशमी ने कहा कि गांव रेवाडा में जो किया गया है वह एक दंगा भडकाने कि साजिश लगती है। जिस तरीके से लोगों के साथ अत्याचार, लूट-पाट किया और महिलाओ के साथ मारपीट  की गई ये बस एक साजिश के तहत किया गया है। उन्होने कहा कि जो लोग गौकशी करते है वे पुलिस की मिलीभगत से गांव में ही घूम रहे हैं जबकि निर्दोष लोगों को जेलों में ठूंसा जा रहा है । गांव के अंदर जो जुल्म किया गया है ये सब संघ से जुडी संस्थाओं ने किया है। शबनम का कहना है कि वह जब आज गांव पहुंची तो एक भी पुलिस वाला गांव में नहीं था। बल्कि उनके पहुचने के काफी देर बाद पुलिस पहुंची। नोगावां से कांउसलर सफिया भी उनके साथ थी। पुलिसकर्मियों ने सफिया और उनको बोला कि तुम चली जाओ कोई भीड आ गई तो वे बचा नहीं पाऐगें। शबनम हाशमी का कहना है कि पुलिस को लोगों कि हिफाजत करनी चाहिये बल्कि वह तो खुद लोगों में दहशत फैला रही है। गांव में जो भी घटना घटी है वह पुलिस के सहयोग से घटी है। पुलिस चाहती तो गांव में लूटपाट को रोक सकती थी। उनहोने इस मामले कि उच्च स्तरीय जांच कि मांग की है।

साभार  : युनुस  अल्वी

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