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राजस्थान: लडकियां ढूँढने निकला ‘ढूंढ महोत्सव’

जयपुर: राजस्थान में लिंगानुपात के अंतर को कम करने और बेटियों को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच बाड़मेर जिला प्रशासन ने आज अनुठे अंदाज में ‘ढूंढ महोत्सव’ का आयोजन किया।

राजस्थान में होली से एक दिन पूर्व बच्चों के जन्म पर ढूंढ महोत्सव आयोजन करने की परम्परा है। इस मौके पर बाड़मेर जिला कलेक्टर सुधीर शर्मा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बिष्ठ ने थाली बजाकर 325 लड़कियों की सामूहिक ढूंढ की।

यह पहला मौका होगा जब लड़कियों के लिए ढूंढ का आयोजन किया गया। सामान्यत: इस इलाके में लड़कों को ही ढूंढ किया जाता रहा है। परंतु आज पंरपराओं से हटकर बेटियों के लिए भी ढूंढ का आयोजन किया गया।

बाड़मेर जिला कलेक्टर सुधीर शर्मा ने कहा कि यह एक प्रेरणादायक कार्यक्रम है और ऐसे कार्यक्रमों से समाज को प्रेरणा मिलेगी। ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता तभी सिद्घ होगी जब लोग अपने स्तर पर उसी उत्साह के साथ बच्च्यिों की ढूंढ का आयोजन करने लगेंगे, जैसे वे लड़के के जन्म पर आयोजित करते है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बिष्ठ ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से समाज में बेटियों को सम्मानजनक स्थान मिलने के अवसरों में बढ़ोतरी के साथ लिंगानुपात के अंतर को कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि होली के दौरान पूरे सप्ताह इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक सती चौधरी ने कहा कि आज के समय में भी लोग अपनी परंपराओं से बंधे है और उनके प्रति उनकी गहरी निष्ठा है। पंरपराओं से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन से बदलाव की शुरूआत की जा सकेगी और जल्द ही वो दिन भी आयेंगे, जब समाज में लड़कियों को भी लड़को के बराबर सम्मान मिलेगा

(पीटीआई के हवाले से ख़बर)

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