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राजीव गांधी पर विकीलीक्स के खुलासे पर सियासत तेज

नई दिल्ली, 09 अप्रैल: साबिक वज़ीर आज़म राजीव गांधी पर विकीलीक्स के मुबय्यना तौर पर खुलासे को लेकर मुल्क में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी ने इस मसले पर कांग्रेस से वज़ाहत मांगी है।

नई दिल्ली, 09 अप्रैल: साबिक वज़ीर आज़म राजीव गांधी पर विकीलीक्स के मुबय्यना तौर पर खुलासे को लेकर मुल्क में सियासत तेज हो गई है। बीजेपी ने इस मसले पर कांग्रेस से वज़ाहत मांगी है।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इल्ज़ामों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। गांधी खानदान पर कीचड़ उछलने से आहत कांग्रेस ने बीजेपी पर भी पलटवार किया है।

पार्टी ने इन मुबय्यना तौर पर खुलासों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि जिस अखबार में यह खबर छपी है, उसके नीचे यह भी लिखा है कि इन दावों की तस्दीक करने वाला कोई नहीं था। पार्टी ने तर्क दिया है कि यह खबर यहीं बेबुनियाद साबित हो जाती है।

गौरतलब है कि विकीलीक्स ने इल्ज़ाम लगाया है कि इंडिया एयरलाइंस में काम करते हुए राजीव गांधी ने स्वीडन की कंपनी के लिए एजेंट का काम किया था। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुतबैक वे स्वीडन की एक कंपनी के साथ जुड़े थे। कंपनी हिंदुस्तान को लड़ाकू तय्यारे (विमान) बेचना चाहती थी।

हालांकि ये सौदा नहीं हो सका था। उस रेस में ब्रिटिश कंपनी जगुआर ने बाजी मार ली थी। इस खुलासे के बाद बीजेपी ने गांधी खानदान से जवाब मांगा है। बीजेपी का कहना है कि इस पूरे मामले में हुकूमत और गांधी खानदान को सफाई देनी चाहिए।

बीजेपी के जवाब मांगने के बाद कांग्रेस ने अपोजिशन पर जोरदार हमला किया। साथ ही विकीलीक्स के खुलासे पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस जनरल सेक्रेट्री जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि विकीलीक्स के इल्ज़ामों में कोई दम नहीं है। उन्होंने कहा कि खबर एक मशहूर अखबार ने छापी है, इससे पार्टी काफी मजरूह है।

आखिर मामला क्या है ?
एक अंग्रेजी अखबार ने विकीलीक्स के हवाले से दावा किया है कि साबिक वज़ीर ए आज़म राजीव गांधी ने 1970 के दशक में स्वीडन की कंपनी साबस्तानिया के लिए बिचौलिये का किदार निभाए थे। यह कंपनी हिंदुस्तान को लड़ाकू तय्यारे फरोख्त चाहती थी। हालांकि कंपनी के साथ यह सौदा नहीं हो सका था। इस दौड़ में ब्रिटिश कंपनी जगुआर ने बाजी मार ली थी। राजीव गांधी तब सियासत में नहीं थे। वह इंडियन एयरलाइंस में पायलट थे।

जार्ज ने मांगी थी सीआईए से मदद

विकीलीक्स ने साबिक वज़ीर ए दिफा जार्ज फर्नांडिस के बारे में भी खुलासा किया है। इसके मुताबिक खुद को अमेरिका विरोधी बताने वाले फर्नांडिस ने इमरजेंसी के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से मदद मांगी थी। फर्नांडिस को सीआईए से पैसे लेने पर भी ऐतराज नहीं था। साबिक वज़ीर ए आज़म इंदिरा गांधी की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी से लड़ने के लिए फर्नांडिस ने फ्रांसीसी हुकुमत से भी मदद मांगी थी।

‘विकीलीक्स का कोई भरोसा नहीं है। उसके दावे बेबुनियाद हैं। खुद उसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दावों की तसदीक नहीं की जा सकी। इसी से सारी कहानी बेबुनियाद साबित हो जाती है।’
– जनार्दन द्विवेदी, कांग्रेस जनरल सेक्रेट्री

‘बीजेपी कांग्रेस के पहले खानदान से वजाहत की मांग करती है। इस मामले से जुडे़ सभी दस्तावेज आवामी किए जाने चाहिए। सरकार, कांग्रेस पार्टी और गांधी खानदान को सभी बातें साफ करनी चाहिए।’
– प्रकाश जावडेकर, बीजेपी तर्जुमान
‍_ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ बशुक्रिया अमर उजाला

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