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राम मंदिर की तामीर के लिए हुकूमत के पास 2019 तक काफ़ी वक़्त मौजूद

आर एस एस ने आज कहा कि हुकूमत के पास अयोध्या में राम मंदिर तामीर करने के लिए 2019 तक काफ़ी वक़्त मौजूद है हुकूमत की अपनी तर्जीहात हैं और वो उनके मुताबिक़ काम करती है। राष्ट्रीय सोइम सेवक सिंह (आर एस एस ) के जवाइंट जनरल सैक्रेटरी दत्ता तुरीय

आर एस एस ने आज कहा कि हुकूमत के पास अयोध्या में राम मंदिर तामीर करने के लिए 2019 तक काफ़ी वक़्त मौजूद है हुकूमत की अपनी तर्जीहात हैं और वो उनके मुताबिक़ काम करती है। राष्ट्रीय सोइम सेवक सिंह (आर एस एस ) के जवाइंट जनरल सैक्रेटरी दत्ता तुरीय होसाबाले ने आर एस एस अखिल भारतीय कार्य्य कारी मंडल के पहले दिन प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए कहा कि राम मंदिर मुल्क के एजंडे में मौजूद है।

ये क़ौमी मुफ़ाद में है हम वे एचपी और मज़हबीक़ाइदीन की राम मंदिर की तामीर के मसले पर ताईद करते रहे हैं। जब ये निशानदेही की गई कि बी जे पी कह रही थी कि अगर मर्कज़ में क़तई अक्सरियत के साथ वो बरसर-ए-इक्तदार आजाए तो राम मंदिर की तामीर की राह हमवार करेगी।

इस सिलसिले में एक क़ानून मंज़ूर किया जाएगा इस सवाल पर कि क्या आर एस एस इस का मुतालिबा करेगी। हौसा बाले ने कहा कि राम मंदिर का मसला पहले ही इंतेख़ाबी मंशूर में मौजूद है। दहश्तगर्द तंज़ीमों बिशमोल अलक़ायदा और आई एस आई एस के ख़तरे के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा कि इजलास में क़ौमी सयानत के मसाइल पर भी तबादला-ए-ख़्याल किया जाएगा ।

उन्होंने अपने बयान की वज़ाहत नहीं की। लो जिहादके बारे में तबादले ख़्याल से मुताल्लिक़ एक सवाल का जवाब देते हुए हौसा बाले ने कहा कि गुज़िशता 10 साल के दौरान इस पर काफ़ी तबादले ख़्याल होचुका है। इजलास में मआशी और सियासी क़रार दादों की मंज़ूरी के इमकान के बारे में सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नई हुकूमत अभी अभी क़ायम हुई है हम पहले उसकी कारकर्दगी का मुशाहिदा करेंगे ।

ये दावे करते हुए कि आर एस एस कारकुनों ने राहत रसानी और बचाओ कार्यवाईयों में आफ़त समावी के शिकार जम्मू-ओ-कश्मीर ,आंध्र प्रदेश और मेघालय में काफ़ी सरगर्मी से काम किया है। हौसा बाले ने कहा कि बाज़ आबादकारी के काम का एक ख़ाका इन इलाक़ों के बारे में तैयार कर लिया गया है।

जिस पर इजलास में तबादले ख़्याल किया जाएगा। ये कहते हुए कि आर एस एस जो ख़ुसूसी प्रोग्राम शुरू करेगी इस में बेहतर शहरी एहसास पैदा करना, सफ़ाई और माहौलियात के बारे में शऊर की बेदारी भी शामिल होगी। उन्होंने दावे किया कि उनकी तंज़ीम सालाना 20 फ़ीसद की शरह से फ़रोग़ पज़ीर है और जारिया साल एक लाख पच्चीस हज़ार से ज़्यादा सोइम सेवकों ने इसके बुनियादी तर्बीयती प्रोग्राम में शिरकत की है।

हौसा बाले ने कहा कि तीन रोज़ा इजलास के दौरान 390 प्रचारक और क़ौमी ओहदेदार मुख़्तलिफ़ शोबों मेंअपने कामों की तफ़सील से वाक़िफ़ करवाईंगे।

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