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राहुल गांधी मुसलमानों को ISI से जोड़ने की कोशिश ना करें : शाही इमाम

शाही इमाम मस्जिद फ़तह पूरी दिल्ली मुफ़्ती मुहम्मद मुकर्रम अहमद साहब ने आज नमाज़ जुमा से क़बल अपने ख़िताब में मुस्लमानों से ज़्यादा से ज़्यादा इबादत और तिलावत की ताकीद की और फ़र्माया कि आने वाला हिज्री साल 1435 का इबादतों से इस्तिक़बाल क

शाही इमाम मस्जिद फ़तह पूरी दिल्ली मुफ़्ती मुहम्मद मुकर्रम अहमद साहब ने आज नमाज़ जुमा से क़बल अपने ख़िताब में मुस्लमानों से ज़्यादा से ज़्यादा इबादत और तिलावत की ताकीद की और फ़र्माया कि आने वाला हिज्री साल 1435 का इबादतों से इस्तिक़बाल करें और दुआएं करें।

शाही इमाम ने इंदौर में राहुल गांधी की तरफ़ से दिए गए बयान पर सख़्त तन्क़ीद की और फ़र्माया कि खु़फिया एजैंसियां तो मुसलमानों को दहशतगर्दी से जोड़ने में माहिर हैं , क्या राहुल गांधी भी उनकी रविष पर मुसलमानों को दहशतगर्दी से जोड़ना चाहते हैं।

अवामी बयान से पहले उन्हें उसकी तहक़ीक़ करना चाहिए थी। शाही इमाम साहब ने कहा कि हिंदुस्तान के मुसलमानों का ISI से कोई राब्ता नहीं है। इसका हमें यक़ीन है। शाही इमाम साहब ने वज़ीर-ए-आज़म से मांग‌ किया कि नवंबर 2013 में होने वाले पार्लीमेंट सेशन में इंसिदाद फ़िर्कावाराना बिल पास कराया जाये।

मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला और वज़ीरे अक़लियती उमूर ने ये बिल पास कराने की बात तो कही है लेकिन यक़ीनी तौर पर होना चाहिए। यू पी ए के 9 साल गुज़र चुके हैं अगर ये बिल पहले पास कराया जाता तो ज़्यादा बेहतर था। फ़िर्कापरस्ती का ज़हर समाज में फैल रहा है इसे रोकने की ज़रूरत है।

शाही इमाम साहब ने कहा कि आने वाले एसेंबली एलेक्शन में मुसलमानों को इत्तिहाद और इत्तिफ़ाक़ के साथ सिर्फ़ सेकूलर उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए और वोट देने में ग़फ़लत नहीं करनी चाहिए। आज अपनी पार्टी की पालिसी से ऊपर उठ कर सेकूलर को मज़बूत करने की ज़रूरत है।

शाही इमाम साहब ने इसराईली वज़ीर-ए-आज़म के इल्ज़ामात को बेबुनियाद बताया और बड़ी ताक़तों और ईरान के दरमयान मुसबत मुज़ाकरात का खैरमक़दम किया और इसराईल की जारहियत को रोकने के लिए पाबंदियां आइद करने का मुतालिबा किया।

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