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रियासतों की तरक़्क़ी के बगै़र क़ौमी तरक़्क़ी मुम्किन नहीं : वज़ीर-ए-आज़म

नई दिल्ली मंसूबा बंदी कमीशन के मुतबादिल में नए इदारे के क़ियाम के लिए रियासतों से तआवुन की ख़ाहिश चीफ़ मिनिस्टर्स का इजलास

नई दिल्ली

मंसूबा बंदी कमीशन के मुतबादिल में नए इदारे के क़ियाम के लिए रियासतों से तआवुन की ख़ाहिश चीफ़ मिनिस्टर्स का इजलास

वफ़ाक़ीयत के तआवुन को मज़बूत बनाने की ख़ाहिश करते हुए वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि मौजूदा मंसूबा बंदी के मुतबादिल में तशकील दी जाने वाली नए इदारे में रियासतों के अज़ीम तर रोल की ज़रूरत है। पोलिसी मंसूबों के अमल को सरतापा और नीचे से ऊपर तक तब्दील किया जाना चाहिए।

रियासतों की तरक़्क़ी के बगै़र क़ौमी तरक़्क़ी का तसव्वुर मुम्किन नहीं है। उन्होंने ज़ोर दे कर कहा कि रियासतों को तरक़्क़ी देने केलिए ही हम ने मंसूबा बंदी कमीशन की जगह नया पैनल बनाने का फ़ैसला किया है। मोदी ने चीफ़ मिनिस्टर्स के इजलास से ख़िताब करते हुए कहा कि मंसूबा बंदी कमीशन की जगह एक नए इदारे को तशकील देने केलिए ये इजलास तल्ब किया गया है जिस में हम तमाम को ग़ौर-ओ-ख़ौज़ करना है।

चीफ़ मिनिस्टर्स के इजलास में वज़ीर-ए-दाख़िला राजनाथ सिंह वज़ीरे फाइनेंस‌ अरूण जेटली और चीफ़ मिनिस्टर मग़रिबी बंगाल ममता बनर्जी-ओ-चीफ़ मिनिस्टर जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अब्दुल्लाह के मासिवा तमाम चीफ़ मिनिस़्टरों ने शिरकत की। नरेंद्र मोदी ने कहा कि मंसूबा बंदी कमीशन की तब्दीली का इरादा टीम इंडिया के एक मज़बूत मुआविन तसव्वुर के साथ किया गया है।

ये पैनल वज़ीर-ए-आज़म और चीफ़ मिनिस़्टरों के अलावा मर्कज़ी विज़ारत काउंसिल‌ के अरकान के तीन टीमों पर मुश्तमिल होगा जिस में मर्कज़ और रियासतों की बयो रियो क्रेसी भी शामिल रहेगी। इस नए इदारे में रियासती हुकूमतों को अहम रोल अदा करना चाहिए । वज़ीर-ए-आज़म ने मज़ीद कहा कि रियासतें बाज़ औक़ात ये महसूस करती हैं कि उन के नज़रियात ज़ाहिर करने केलिए कोई प्लेटफार्म नहीं है।

बैन रियासती तनाज़आत की यकसूई केलिए एक मूसिर मेकानिज़म होना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने इस्तिफ़सार किया कि हिन्दुस्तान की ताक़त को मज़बूत बनाने रियासतों को बाइख़तियार बनाने केलिए हम ने मंसूबे तैयार किए हैं। अब इसी ख़ुतूत पर क्या हम नया मेकानिज़म तशकील नहीं दे सकते।

मआशी सरगर्मीयों के अलावा हुकूमत के बाहर होने वाली मआशी कोशिशों को भी कामयाब बनाया जाना चाहिए। हम इस इजलास में ऐसे ही मौज़ूआत पर ग़ौर-ओ-ख़ौज़ करेंगे। बादअज़ां वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने चीफ़ मिनिस़्टरों के इस इजलास को समरावर क़रार दिया और कहा कि तमाम चीफ़ मिनिस़्टरों ने मंसूबा बंदी कमीशन की जगह नया पैनल बनाने केलिए अपनी ग़ैरमामूली तजावीज़ पेश की हैं।

साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह के रिमार्कस का हवाला देते हुए जिन्होंने मंसूबा बंदी कमीशन के साथ एक तवील अर्से तक अपनी ख़िदमात फ़राहम की हैं। मनमोहन सिंह ने ख़ुद इस बात की निशानदेही की थी कि माबाद इस्लाहात के दौर में इस इदारे ने कोई दूर अंदेशी का नज़रिया पेश नहीं किया है। मनमोहेन सिंह भी चाहते थे कि मंसूबा बंदी कमीशन की अज़सर-ए-नौ तशकील दी जाये।

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