Tuesday , October 17 2017
Home / India / रियासत बिहार बैयक वक़्त तरक़्क़ी याफ्ता और पसमांदा : सर्वे

रियासत बिहार बैयक वक़्त तरक़्क़ी याफ्ता और पसमांदा : सर्वे

रियासत बिहार के बारे में हमेशा ये कहा जाता है कि ये एक पसमांदा रियासत है जबकि हक़ीक़त इस के बरअक्स है। बिहारी नौजवान आज मुल़्क की कई दीगर रियास्तों में आला तालीम हासिल कर रहे हैं। हाँ!

रियासत बिहार के बारे में हमेशा ये कहा जाता है कि ये एक पसमांदा रियासत है जबकि हक़ीक़त इस के बरअक्स है। बिहारी नौजवान आज मुल़्क की कई दीगर रियास्तों में आला तालीम हासिल कर रहे हैं। हाँ! ये एक अलग बात है कि आज सेल फ़ोन के इस्तेमाल ने ना सिर्फ मुलक बल्कि दुनिया में एक इँकलाब बरपा कर दिया है। बिहार के 56 फ़ीसद ख़ानदान ऐसे हैं जिन के पास मोबाईल फोन्स या लैंड लाइन कनेक्शन हैं, लेकिन हैरतअंगेज़ तौर पर 77 फ़ीसद ख़ानदान ऐसे हैं जहां बैत उल-खला की सहूलत दस्तयाब नहीं ।

मज़कूरा सर्वे दरअसल मर्दुमशुमारी के दौरान की गई ख़ाना पुरी के ज़रीया सामने आया। रियासत बिहार में जहां तेज़ रफ़्तार तरक़्क़ी का एतराफ़ किया गया है, वहीं बाअज़(कुछ) शोबों में रियासत की पसमांदगी भी अयाँ (वाजेह)है।

TOPPOPULARRECENT