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रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया की शरह सूद में तख्फ़ीफ़

रिज़र्व बैंक ने गुज़शता 3 साल में पहली बार शरह सूद में 0.5 फ़ीसद तख़फ़ीफ़ कर दी ताकि क़र्ज़ हासिल करने वालों को राहत फ़राहम की जा सके और जमूद का शिकार मआशी तरक़्क़ी का अहया किया जा सके। सालाना क्रेडिट पालिसी का ऐलान करते हुए आर बी आई ने मुख़्

रिज़र्व बैंक ने गुज़शता 3 साल में पहली बार शरह सूद में 0.5 फ़ीसद तख़फ़ीफ़ कर दी ताकि क़र्ज़ हासिल करने वालों को राहत फ़राहम की जा सके और जमूद का शिकार मआशी तरक़्क़ी का अहया किया जा सके। सालाना क्रेडिट पालिसी का ऐलान करते हुए आर बी आई ने मुख़्तसर मुद्दती क़र्ज़ (रेपो) पर शरह सूद 8.5 फ़ीसद से कम करके 8 फ़ीसद कर दी। बैंक की शरह सूद 9.5 फ़ीसद थी, कम होकर 9 फ़ीसद रह जाएगी।

स्टेट बैंक आफ़ इंडिया ने फ़ौरी ऐलान किया कि वो क़र्ज़ की शरह सूद में फ़ौरी तौर पर तख्फ़ीफ़ करेगी, जिस से गाड़ीयों और मकान की ख़रीदारी के लिए क़र्ज़ और पर्सनल लोन हासिल करने वालों को फ़ायदा होगा। ताहम ये रक़म डिपाज़िट करने वालों के लिए कोई ख़ुशख़बरी नहीं है, जिन्हें अपनी रक़म पर कम सूद हासिल होगा।

रेपो की शरह में तख़फ़ीफ़ इस तजज़िया पर मबनी है कि तरक़्क़ी सुस्त रफ़्तार हो गई है, जिसके नतीजा में इफ़रात-ए-ज़र को कुचलने एतिदाल का रास्ता इख्तेयार करना ज़रूरी हो गया है। आर बी आई गवर्नर डी सुब्बा राव ने ख़बरदार किया कि मुस्तक़िल मनफ़ी जोखिम का नतीजा इफ़रात-ए-ज़र की शक्ल में ज़ाहिर हो सकता है।

एस बी आई सदर नशीन परदीब चौधरी ने कहा कि इन का बैंक जामि तख्फ़ीफ़ क़र्ज़ की सूद की शरहों में करेगा। इन्होंने कहा कि दीगर कई बैंकों ने भी कहा कि वो क़र्ज़ की शरह सूद में और डिपाज़िट की हुई रक़म पर सूद की शरह में तख्फ़ीफ़ करेंगे । इलावा अज़ीं आर बी आई ने बैंकों को हिदायत दी कि वो सेविंग बैंक एकाउंट के लिए अक्क़लतरीन रक़म के लिए इसरार ना करें और कर्ज़ों की क़ब्ल अज़ वक़्त वापसी पर चार्जस आइद ना करें।

मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने कहा कि आर बी आई पालिसी से सरमाया कारी जज़बात की हौसला अफ़्ज़ाई होगी। हुकूमत मज़ीद इक़्दामात करेगी। अपने माईक्रो इकनॉमिक तजज़िया में आर बी आई ने मआशी तरक़्क़ी की शरह 7.3 मुक़र्रर की है और तवक़्क़ो करती हैकि मार्च 2013 तक इफ़रात-ए-ज़र 6.3 फ़ीसद होगा। सनअत और स्टाक मार्केट जिसे 0.25 फ़ीसद तख्फ़ीफ़ की तवक़्क़ो थी, आर बी आई के इस हैरत अंगेज़ फ़ैसला का ख़ौरमक़दम किया।

आर बी आई ने हुकूमत से ख़ाहिश की है कि वो डीज़ल, केरोसीन और पकवान गैस की क़ीमतों में इज़ाफ़ा करे क्योंकि उन पर मुसलसल सब्सीडी से कंपनीयों को नुक़्सान हो रहा है और माली इन्हेतात पैदा हो रहा है, जिस पर क़ाबू ज़रूरी है। मंसूबा बंदी कमीशन के नायब सदर नशीन मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने कहा कि शरह सूद में तख़फ़ीफ़ से शरह तरक़्क़ी में इज़ाफ़ा होगा।

इन्होंने कहा कि हुकूमत को भी चाहीए कि माली ख़सारा में कमी की कोशिश करे ताकि जारीया साल माली तरक़्क़ी में इज़ाफ़ा हो । इन्हों ने कहा कि इन के ख़्याल में आर बी आई की जानिब से शरह सूद में कमी और परनब मुकर्जी की मालीयाती ख़सारा में कमी की कोशिशों से मईशत जारीया साल तरक़्क़ी करेगी।

वो एक सरकारी तक़रीब के दौरान अलैहदा प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब कर रहे थे। इस सवाल पर कि क्या 7.3 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी का हुसूल मुम्किन है, अहलुवालिया ने कहा कि तवक़्क़ो है कि जारीया साल मुल़्क की मईशत गुज़शता साल की बनिसबत बेहतर हो जाएगी।

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