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रुहानी गुरु आसा राम बापू के रिमार्क पर तनाज़ा

नई दिल्ली, 08 जनवरी: (एजेंसीज़ ) रुहानी गुरु आसा राम बापू ने दिल्ली इजतिमाई इस्मतरेज़ि के मामले पर एक मुतनाज़ा बयान दे कर नया शोशा खड़ा कर दिया है ।उन्होंने कहा कि इजतिमाई इस्मतरेज़ि मुआमला में मुल्ज़िमीन के इलावा ख़ुद मतोफ़ीह लड़की भी यकस

नई दिल्ली, 08 जनवरी: (एजेंसीज़ ) रुहानी गुरु आसा राम बापू ने दिल्ली इजतिमाई इस्मतरेज़ि के मामले पर एक मुतनाज़ा बयान दे कर नया शोशा खड़ा कर दिया है ।उन्होंने कहा कि इजतिमाई इस्मतरेज़ि मुआमला में मुल्ज़िमीन के इलावा ख़ुद मतोफ़ीह लड़की भी यकसाँ तौर पर ज़िम्मेदार थी ।

उन्होंने कहा कि अगर मतोफ़ीह मुल्ज़िमीन के सामने गिड़गिड़ाते हुए उन्हें भाई कह कर मुख़ातब करती तो शायद वो अपनी इस्मत और जान ना गंवाती । मीडीया रिपोर्टस के मुताबिक़ आसा राम बापू इस्मतरेज़ि के मुलाज़मीन को सख़्त सज़ाएं दीए जाने के ख़िलाफ़ हैं क्योंकि ऐसा करने से क़ानून का ग़लत इस्तेमाल हो सकता है ।

उन्होंने कहा कि हम ने देखा है कि मुल्क में कई क़वानीन का ग़लत इस्तेमाल किया जाता है । दहेज़ हरासानी क़ानून उसकी एक ज़िंदा मिसाल है । यहां इस बात का तज़किरा एक बार फिर ज़रूरी है कि आसाराम बापू जी ने एक ऐसे वक़्त ये रिमार्क किया जब मुल्क गीर सतह पर 23 साला लड़की की मौत का सोग मनाया जा रहा है ।

16 दिसंबर को रौनुमा हुए ग़ैर इंसानी जुर्म और बादअज़ां 13दिनों तक सिंगापुर के एक हॉस्पिटल में ईलाज के बाद मुतास्सिरा लड़की की मौत हो गई थी । पांचों मुल्ज़िमीन को पीर के रोज़ अदालत में पेश किया गया ।

अदालत ने हफ़्ता के रोज़ दिल्ली पुलिस की जानिब से दायर करदा फ़र्द-ए-जुर्म का जायज़ा लिया था जिसके बाद अदालत ने पुलिस को तमाम पांचों मुल्ज़िमीन राम सिंह ,मुकेश ,पवन गुप्ता ,विनए शर्मा और अक्षय ठाकुर को अदालत में पेश करने का हुक्म दिया था । क़ब्लअज़ीं जुमेरात को दिल्ली पुलिस ने साकेत पेटरोपोलेटियन मजिस्ट्रेट के इजलास में फ़र्द-ए-जुर्म दाख़िल की गई थी जिनमें उन पर इस्मतरेज़ि ,अगवा और क़त्ल के इल्ज़ामात आइद किए गए थे ।

दूसरी तरफ़ छटवां मुल्ज़िम उम्र के मुताबिक़ नाबालिग़ है और इसके ख़िलाफ़ जोवीनाइल ( बच्चों की अदालत )जस्टिस बोर्ड में मुआमला की समाअत की जाएगी । नाबालिग़ लड़का अगर ऐसे घिनौने जुर्म में मुलव्वस है तो इसका मतलब वाज़िह है कि उसे बड़ी सोहबत ने बिगाड़ा है जबकि मतोफ़ीह के वालिद का कहना है कि लड़के की कम उमरी को ना देखा जाये बल्कि उसे भी दीगर बालिग़ मुल्ज़िमीन की तरह फांसी पर लटकाया जाये ।

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