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रोज शाम को जमती है शराब की महफिल

भागलपुर 13 मई : तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी अहाते की सिक्यूरिटी निज़ाम बलाए ताक है। अहाते में हर दिन शाम होते ही शराब की महफिल जमती है। यूनिवर्सिटी इंतेजामिया ने यूनिवर्सिटी अहाते वाक़ेय लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी की सिक्यूरिटी

भागलपुर 13 मई : तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी अहाते की सिक्यूरिटी निज़ाम बलाए ताक है। अहाते में हर दिन शाम होते ही शराब की महफिल जमती है। यूनिवर्सिटी इंतेजामिया ने यूनिवर्सिटी अहाते वाक़ेय लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी की सिक्यूरिटी का जिम्मा फोर्थ ग्रेड मुलाज़िमों के भरोसे छोड़ रखा है। यह जानते हुए भी कि लालबाग अहाते में पीजी तालिब इल्म के पांच हॉस्टल में तकरीबन 250 तालेबा रहती हैं।

दोपहर बाद यूनिवर्सिटी अहाते में मजनुओं का जमावड़ा लगना आम बात हो गयी है। गुजिस्ता साल महकमा इम्तेहान से छह बैटरियों की चोरी को लेकर यूनिवर्सिटी ओपी में सनाह दर्ज करायी गयी थी। इसके बाद सीनेट हॉल से कंप्यूटर और दीगर सामान की चोरी की बात सामने आयी।

असातज़ा ने मांगी थी सिक्यूरिटी
इस अहाते में रहनेवाले असातज़ा और तालेबा अदम तहफ्फुज़ एहसास में जी रहे हैं। हाल ही में होली मिलन के लिए वाईस चांसलर को मदऊ करने गये असातज़ा की टीम ने साबिक वाईस चांसलर डॉ अंजनी कुमार सिन्हा से अहाते में सिक्यूरिटी की इन्तेजाम करने की मांग की थी। इसके बाद डॉ सिन्हा ने फोर्थ ग्रैड मुलाज़िमों को दरबान के तौर में मेन गेट पर तैनात कर दिया था।

दरबान की भी हुई थी पिटाई
गुजिस्ता सात मई की रात लालबाग प्रोफेसर कॉलोनी के मेन गेट पर तैनात दरबान रमेश ठाकुर को कुछ गैर समाजी अनासिर ने जम कर पिटाई की थी। मिस्टर ठाकुर का कहना था कि पिटाई करनेवाले लोगों को उन्होंने अंदर दाखिल करने से रोका था। इसी के मुखालिफत में उनलोगों ने उन्हें घसीटा और पीटा भी। गैर समाजी अनासिर का कहना था कि वे अपने मैडम से मिलना चाहते हैं।

कैसे छलकता था जाम
लड़की को कमरे में सनीचर को बंद करनेवाले दरबान जैकी अनवर को यूनिवर्सिटी में रहमो करम की बुन्याद पर तकरीरी मिली है। मुलाज़िमों के मुताबिक यूनिवर्सिटी में 100 से ज्यादा रहमो करम की बुन्याद पर काम करनेवालों को तकरीरी के बाद तनख्वाह नहीं मिला है। इनमें जैकी अनवर भी शामिल है और इस बात की तस्दीक डीएसडब्ल्यू डॉ गुरुदेव पोद्दार ने भी की।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दरबान की आमदनी का वह कौन सा जरिया है, जिससे वह महंगी अंगरेजी शराब पिया करता था। गार्ड रूम के बगल में पड़ी शराब की कई बोतलें इस बात को साबित करती हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि उन्हें कोई शराब फराहम कराता था या फिर यहां बाहरी लोग आकर शराब पीते हैं। अगर ऐसा है, तो वह कौन सी वजह है कि 250 तालेबा और बड़ी तादाद में असातज़ा से भरे कैंपस के गार्ड को महंगी शराब फराहम करायी जाती है या महफिल जमती है। वैसे यह जांच का मौज़ू है।

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