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रोहिंग्या मुस्लिमों के घरों में दागे जा रहे हैं रॉकेट लॉन्चर

म्यांमार : म्यांमार में हिंसा के कारण बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिमों के पलायन के करीब तीन सप्ताह बाद बांग्लादेश सीमा पर हजारों लोग शरणार्थी बस्तियों में मदद और सुरक्षा की बाट जोह रहे हैं. विश्व भर में इस संकट की आलोचना की जा रही है. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी म्यांमार से जातीय सफाये के अभियान को रोकने की मांग कर रहे हैं जिसके तहत करीब 400,000 रोहिंग्या लोगों ने राखिन प्रांत से पलायन किया है.

एक रोहिंग्या व्यक्ति ने बताया कि उनके गांव राशिडोंग में छह दिन पहले म्यांमार सैनिकों और पुलिस ने हमला किया. अब्दुल गोफ्फार ने कहा कि जब सेना और पुलिस ने हमारे गांव को घेरा और आग लगाने के लिए हम पर रॉकेट लॉन्चरों से हमला किया तो हम अपने गांव से भागे और जहां भी रास्ता मिला, हम उसी दिशा में बढ़ते गये. म्यांमार के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता जाव ते ने कहा कि राखिन के तीन शहरों में 471 बंगाली गांवों में से 176 गांवों में अब वीरानी छाई हुई है जबकि कम से कम 34 और गांव आंशिक रुप से खाली हैं. ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक सैटलाइट तस्वीर जारी की है, जिसमें बताया गया है कि पिछले छह हफ्ते में रोहिंग्या मुसलमानों के 1,200 घरों को तोड़ दिया गया. 700 घरों को आग के हवाले कर दिया गया है. हिंसा से बचकर भागे चश्मदीदों ने बताया कि पश्चिमी राखीन राज्य में बार्म की सेना और पैरामिलिटरी फोर्स बच्चों को गोली मार दे रही है. चश्मदीद अब्दुल रहमान ने बताया कि मेरे भाई को मार दिया गया. सैनिकों ने उसे समूह के साथ जिंदा जला दिया.

मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेश्नल ने म्यांमार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुस्लिमों के गावों की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिनसे गांवों को योजनाबद्ध तरीके से जलाए जाने के संकेत मिलते हैं. एमनेस्टी का कहना है कि इस बात के सबूत हैं कि सुरक्षा बल अल्पसंख्यकों को देश से बाहर करने की कोशिश कर रही हैं. जबकि म्यांमार की सेना का कहना है कि वो सिर्फ़ चरमपंथियों से लड़ रही हैं और नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जा रहा है.

म्यांमार ने रोहिंग्या पर खुद अपने घरों और गांवों को फूंकने का आरोप लगाया है जिसकी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने यह कहकर आलोचना की कि यह सच्चाई को पूरी तरह से खारिज करना है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने गुरुवार को विश्व संस्था के मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया कि बीते 24 घंटे में करीब 10,000 लोगों के सीमा पार जाने की खबर है.

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