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रोहित की ख़ुदकुशी दलित बमुक़ाबला ग़ैर दलित नहीं, तलबा को भड़काने का इल्ज़ाम

CPI(M) General Secretary Sitaram Yechury addressing the HCU students who on hunger strike in protest against the rohit Vemula’s death in Hyderabad central university in Hyderabad on Wednesday. Pic:Style photo service.

हैदराबाद 21 जनवरी: दलित तालिबे इल्म की ख़ुदकुशी पर तन्क़ीदों का शिकार मर्कज़ी वज़ीर फ़रोग़ इन्सानी वसाइल स्म्रती ईरानी ने जवाबी वार करते हुए हरीफ़ों पर मुल्क भर में तलबा को ज़ात पात के ख़ुतूत पर भड़काने का इल्ज़ाम आइद क्या, यहां तक कि सियासी क़ाइदीन का भी हैदराबाद यूनीवर्सिटी में हुजूम बंधा हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि इस मसले को दलित बमुक़ाबला ग़ैर दलित महाज़ आराई के तौर पर पेश करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस्तीफ़ा का मुतालिबा भी मुस्तर्द कर दिया।बीएसपी सरबराह मायावती ने दो मर्कज़ी वुज़रा और वाईस चांसलर अप्पा राव‌ के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई का मुतालिबा किया जबकि कई क़ाइदीन सीपीआई (ऐम) के सीताराम यचोरी, टी एमसी, एमपी डेरिक ओबरईन, वाई एस आर कांग्रेस सदर वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने यूनीवर्सिटी का दौरा करके एहतेजाजी तलबा से मुलाक़ात की।

सीताराम यचोरी ने कहा कि मर्कज़ी वज़ीर फ़रोग़ इन्सानी वसाइल को मुस्तफ़ी होना चाहीए। मुवाफ़िक़ सीपीआई ऑल इंडिया स्टूडेंटस फेडरेशन ने दत्तात्रेय के घर के क़रीब एहतेजाजी मुज़ाहरे की कोशिश की। एन डी ए हलीफ़ एलजेपी के वफ़द ने पार्टी अरकाने पार्लियामेंट राम चंद्र पासवान और चिराग़ पासवान की क़ियादत में एहतेजाजी तलबा से मुलाक़ात की और महलूक रोहित वीमोला के विरसा को 30 लाख रुपये मुआवज़ा के अलावा ज़िम्मेदारान को सख़्त सज़ा का मुतालिबा किया।

स्म्रती ईरानी ने दो दिन ख़ामोशी इख़तियार करने के बाद सूरत-ए-हाल को बिगड़ने से बचाने की कोशिश करते हुए दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस को मुख़ातिब किया। उन्होंने सियासी हरीफ़ों पर दलित-ओ-ग़ैर दलित बुनियादों पर जज़बात भड़काने का इल्ज़ाम आइद किया।

उन्होंने कहा कि रोहित की ख़ुदकुशी दलित बमुक़ाबला ग़ैर दलित मसला नहीं है। तीन मर्कज़ी वुज़रा थावरचंद गहलोट, निर्मला सीता रामन और वजय सांपला के हमराह प्रेस कांफ्रेंस में स्म्रती ईरानी ने कहा कि मुल्क भर में तलबा को भड़काने की कोशिश की जा रही है, बराए मेहरबानी तलबा और मुख़्तलिफ़ तबक़ात को ना भड़काएँ। उन्होंने सब्र-ओ-तहम्मुल के मुज़ाहरे की ज़रूरत पर-ज़ोर दिया और कहा कि पहले जज़बात भड़काना और इस के बाद माज़रत ख़्वाही बहुत आसान है।

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