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रोहित को न्याय के लिए माँ निकालेंगी दलित रथ यात्रा

नई दिल्ली। रोहित वेमुला की माँ राधिका वेमुला बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक आंदोलन का नेतृत्व करेंगी। इस सिलसिले में वह तेलंगाना सहित पूरे आंध्र प्रदेश में रथ यात्रा करेंगी। उनकी रथ यात्रा एक महीने तक चलेगी। दलित छात्र रोहित वेमुला हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में शोध कर रहे थे। रोहित ने विश्वविदयालय प्रशासन के जातीय भेदभाव के चलते पिछले साल आत्महत्या कर ली थी।
एक साल बीत जाने के बाद रोहित को अभी तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगी।  राधिका वेमुला ने कहा कि 14 मार्च से मैं अपने बेटे राजा के साथ ‘दलित स्वाभिमान रथ यात्रा’ शुरू करुंगी। यह यात्रा तेलंगाना सहित पूरे आंध्र में एक महीने तक जारी रहेगी। रथ यात्रा के दौरान दोनों राज्यों में रहने वाले दलित बाहुल्य इलाकों का दौरा किया जाएगा।

 

14 अप्रैल को बाबासाहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर रथ यात्रा का समापन होगा। राधिका वेमुला ने ये बातें बेंगलूरू में बहुजन विद्यार्थी संघ द्वारा आयोजित रैली में कहीं। उन्होंने कहा, उनकी मांग है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर पोदिले अप्पाराव को हटाया जाए और उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा चलाए जाए और विश्वविद्यालय परिसरों में दलित छात्रों के साथ होने वाले जातीय भेदभाव को रोकने के लिए रोहित एक्ट बनाया जाए।

 

राधिका वेमुला ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने बयान में कहा था कि रोहित वेमुला दलित नहीं है, इस बयान से लोगों को हैरानी हुई थी। उन्होंने कहा, मैंने पिछले एक साल में पाया कि दलितों की विचारधारा अलग-अलग है, मैंने महसूस किया बाबा साहब को डर था इसलिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन प्रणाली की मांग की थी।

 

उनके मुताबिक, मौजूदा चुनाव प्रणाली में दलित केवल कठपुतली बनकर रह गए हैं। राधिका वेमुला ने रोहित की एक फेसबुक पोस्ट को याद करते हुए कहा कि उसने लिखा था कि दलितों को केवल बाबा साहब ही आजाद करा सकते थे। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा का मकसद दलितों को वैकल्पिक मतदान प्रणाली के प्रति जागरुक कराना है।

राधिका वेमुला ने कहा कि रथ को भीम ऑटो नाम दिया जाएगा। ये नीले रंग का होगा जिस पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के स्टिकर लगाए जाएंगे। साथ ही कहा कि यह भीम ऑटो लोगों के द्वारा दिए गए चंदे से खरीदा जाएगा। ये चंदा रोहित के चाहने वालों ने उसकी मौत के बाद दिया था। यात्रा में सहयोग मिलने के सवाल पर राधिका ने कहा कि मुझे किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है, मुझे हैदराबाद विश्वविद्यालय के रोहित के दोस्त सहयोग देंगे। इसके अलावा मेरे पास भीम ऑटो होगा वह मेरे आत्मसम्मान की निशानी है।

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