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लंदन ओलम्पिक़्स के लिए दो टीमें बनाने की तजवीज़ (विचार)

लंदन ओलम्पिक़्स के मुताल्लिक़ हिंदूस्तानी टेनिस में चल रहे तनाज़ा (झगड़े) पर वज़ीर स्पोर्टस अजय माकीन ने आज आल इंडिया टेनिस एसोसीएसन (ए आई टी ए) से इस्तिफ़सार (प्रश्न) किया है। जब ओलम्पिक़्स के लिए 2 टीमें रवाना की जा सकती हैं तो फिर हिंदू

लंदन ओलम्पिक़्स के मुताल्लिक़ हिंदूस्तानी टेनिस में चल रहे तनाज़ा (झगड़े) पर वज़ीर स्पोर्टस अजय माकीन ने आज आल इंडिया टेनिस एसोसीएसन (ए आई टी ए) से इस्तिफ़सार (प्रश्न) किया है। जब ओलम्पिक़्स के लिए 2 टीमें रवाना की जा सकती हैं तो फिर हिंदूस्तान एक टीम को बनाने पर मसाइल ( समस्या) का सामना क्यूं कर रहा है ।

वज़ीर स्पोर्टस अजय ने समाजी राबते के वेब साईट ट्वीटर पर अपने बयान में कहा है कि हम दो टीमें रवाना कर सकते हैं तो एक टीम पर क्यों बात करें ? खु़फ़ीया सवाल ये है कि सानिया मिर्ज़ा का साथी कौन होगा ? उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जो जोड़ी ग्रांड सलाम फ़ुतूहात हासिल कर रही है इस जोड़ी में मुदाख़िलत क्यों करें ? लंदन ओलम्पिक़्स के लिए ए आई टी ए की जानिब से हिंदूस्तान के लिए महेश भूपति और लेंडर पेस की जोड़ी का ऐलान किया गया है लेकिन भूपति ने अपने साबिक़ ( पूर्व) साथी खिलाड़ी के साथ हिंदूस्तान की नुमाइंदगी (प्रतिनिधित्व) से इनकार कर दिया है और उनकी ख़ाहिश है कि वो रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाकर खेलना चाहते हैं।

इलावा अज़ीं ए टी पी दर्जा बिन्दी में पेस सर-ए-फ़हरिस्त (List) 10 खिलाड़ियों में शामिल हैं लिहाज़ा उन्हें अपने साथी के इंतिख़ाब ( चयन) का इख्तेयार हासिल है जबकि दूसरी जानिब भूपति , बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाकर लंदन ओलम्पिक्स में मुल़्क की नुमाइंदगी दर्जा बंदी के तहत कर सकते हैं।

भूपति ने ए आई टी ए के फैसला के बाद सख़्त मौक़िफ़ इख्तेयार करते हुए कहा कि वो इस शख़्स के साथ जोड़ी नहीं बनाना चाहीए जिस ने पीठ में छूरा घोंपा है हालाँकि उसे मालूम था कि 2012 ‍ ओलम्पिक़्स का साल है । दूसरी जानिब बोपन्ना ने भी पेस के साथ जोड़ी बनाने से इनकार कर दिया है।

आल इंडिया टेनिस एसोसीएसन ने पहले ही इंतिबाह (चेतावनी) दिया है कि जो खिलाड़ी टीम का हिस्सा बनने से इनकार करता है इसके ख़िलाफ़ तादीबी कार्रवाई की जाएगी । बोपन्ना भी अगर अपने मौक़िफ़ (निश्चय) पर अटल रहते हैं तो फिर इंतिज़ामीया को नौजवान खिलाड़ियों सोमदेव देरमन या फिर यू की भांबरी में किसी एक को पेस का जोड़ीदार बनाना पड़ेगा ।

याद रहे कि पेस और भूपति ने 4 मर्तबा ओलम्पिक्स में हिंदूस्तान की नुमाइंदगी (प्रतिनिधित्व) की है । ताहम इस जोड़ी ने मुल्क के लिए कभी मेडल हासिल नहीं किया जबकि पेस ने 1956 के अटलांटा ओलम्पिक़्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था।

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