Thursday , May 25 2017
Home / Khaas Khabar / लखनऊ: आचार संहिता का हवाला देकर हिजाब दिवस मनाने से प्रशासन ने रोका

लखनऊ: आचार संहिता का हवाला देकर हिजाब दिवस मनाने से प्रशासन ने रोका

लखनऊ: विश्व हिजाब दिवस के अवसर पर लखनऊ में महिलाओं को निराशा का सामना करना पड़ा है। यहां ke जिला प्रशासन ने हिजाब दिवस मनाने से महिलाओं को रोक दिया। हिजाब पहने मुस्लिम महिलाओं के साथ गैर मुस्लिम और विदेशी महिलाओं को भी वापस लौटना पड़ा। कार्यक्रम की आयोजक ने जिला प्रशासन पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

न्यूज़ नेटवर्क समूह न्यूज़ 18 के अनुसार लखनऊ शहर एक ऐसा शहर है जहां की संस्कृति की झलकियां कोई किस्सा नहीं बल्कि जीता जागता नमूना है। यहां की मुस्लिम समाज केवल मस्जिद और मीनार तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि उसी के साथ चलती फिरती जीवन भी हैं। खासकर बुर्का और हिजाब पहने महिलायें पुराने लखनऊ की ज़ीनत मानी जाती हैं। मगर अफसोस कि मौजूदा राजनीति ने इस पारंपरिक संस्कृति को भी निगलना शुरू कर दिया है।

इस का एक उदाहरण लखनऊ में छोटे इमाम बाड़े के गेट पर देखने को मिली। विश्व हिजाब दिवस के पर छोटे इमाम बाड़े के परिसर में हिजाब दिवस मनाने के लिए यह महिलाएं जमा हुईं थीं, मगर ज़िला प्रशासन और हुसैनाबाद ट्रस्ट ने कार्यक्रम आयोजित होने नहीं दिया।

जबकि हिजाब दिवस पर होने वाली समारोह कोई राजनीतिक समारोह नहीं था, यह महिलाओं का कार्यक्रम था, इसलिए प्रबंधन में दखलअंदाजी का कोई डर नहीं था, लेकिन प्रशासन ने अनुमति न देकर महिलाओं को खुशी का मौका भी नहीं दिया और आचार संहिता के कार्यान्वयन का बहाना बनाया।
यहां महिलायें बताने और जानने के लिए एकत्र हो रही थीं कि हिजाब का संबंध किसी एक धर्म से नहीं, बल्कि भारतीय कलचर का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हिजाब को सिर्फ शरई ज़िम्मेदारी न समझा जाए बल्कि उसका सामाजिक और साइंसी पहलू भी है। कोशिश यह भी थी कि गैर मुस्लिम और विदेशी महिलाओं को भी हिजाब उपयोगिता से परिचित कराया जाए। मगर प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैया के कारण महिलायें अपनी इस कोशिश में सफल नहीं हो पाईं।

Top Stories

TOPPOPULARRECENT