Wednesday , September 20 2017
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लगातार हिंसा के बाद दार्जिलिंग में आज शांति, विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी

दार्जीलिंग। पिछले कुछ दिनों से लगातार हिंसा के बाद सोमवार को दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र में शांति लौटती नजर आयी। हांलाकि विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान ना कहीं आगजनी की घटना हुई और ना ही गोजमुमो समर्थकों की पुलिस के साथ भिड़ंत। लेकिन राज्य सरकार के खिलाफ गोजमुमो का विरोध प्रदर्शन जारी है।

गोजमुमो के इस आंदोलन को सुभाष घीसिंग की पार्टी गोरामुमो का भी साथ मिल गया है। सोमवार को दोपहर करीब बारह बजे शहर के चौक बाजार से एक विशाल रैली निकाली गयी। रैली में शामिल लोगों के हाथों में गोजमुमो और गोरामुमो के झंडे थे।

इसके साथ ही राष्ट्रीय झंडा और काला झंडा लेकर भी लोग रैली में शामिल हुए थे। रैली में शामिल लोग वी वान्ट गोरखालैंड, ममता बनर्जी मुर्दाबाद, सीआरपीएफ गो बैक आदि नारे लगाते हुए शहर के मोटर स्टैंड पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।

रैली में शामिल होने के लिये तीस्ता वैली से बड़ी संख्या में गोरामुमो समर्थक आये थे। गोरामुमो समर्थकों का साफ कहना है कि हमलोगों को गोरखालैंड चाहिए। राज्य सरकार हमलोगों पर मनमानी कर रही है और हमारी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

जिसे हम सहन नहीं करेंगे। शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए शहर के चारों ओर पुलिस की तैनाती की गयी है। साथ ही सीआरपीएफ के जवान भी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

सोमवार को मिरिक, कालिम्पोंग, कर्सियांग आदि क्षेत्रों में विरोध रैली निकाली गयी। इस बीच,भाषा विवाद एवं अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोजमुमो द्वारा आहूत बेमियादी बंद भी पहाड़ पर जारी है। इस बंद से पिछले काफी दिनों से दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र अचल बना हुआ है।

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य के सभी स्कूलों में बांग्ला भाषा को अनिवार्य करने की घोषणा के बाद से पहाड़ में विरोध की जो लहर शुरू हुई थी वह अब भी जारी है। चार जून को गोजमुमो ने पहाड़ में विरोध रैली निकाली थी। पांच जून को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मिरिक में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुयी थीं।

मुख्यमंत्री पांच जून को जब दार्जीलिंग पहुंचीं तो उसके बाद से ही यहां का माहौल तनावपूर्ण है। आठ जून को दार्जीलिंग के राज भवन में कैबिनेट की एक बैठक हुयी थी। उसी दिन हिंसा भड़की और मामला पुलिस फायरिंग और उपद्रवियों की मौत तक पहुंच गया। पुलिस फायरिंग से उत्तेजित भीड़ ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

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