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“लव नहीं, जबरदस्ती मज़हब बदलवाना है जुर्म”: नसीमुद्दीन सिद्दीकी

उत्तर प्रदेश में जिम्नी इंतेखाबात के दौरान लव जेहाद का मामला उछालने वाली पार्टी भाजपा ने भले ही नतीजे आने के बाद इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया हो, लेकिन अपोजिशन पार्टी अभी भी इस मुद्दे को लेकर पार्टी पर हमलावर हैं।

उत्तर प्रदेश में जिम्नी इंतेखाबात के दौरान लव जेहाद का मामला उछालने वाली पार्टी भाजपा ने भले ही नतीजे आने के बाद इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया हो, लेकिन अपोजिशन पार्टी अभी भी इस मुद्दे को लेकर पार्टी पर हमलावर हैं।

बसपा के कौमी जनरल सेक्रेटरी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि लव जेहाद एक सियासी पार्टी का समाज को मज़हब और मजहब की बुनियाद पर तक्सीम करने की साजिश है। लव नहीं, जबरन मज़हब बदलवाना जुर्म है।

उन्होंने कहा कि जिम्नी इंतेखाबात में लव जेहाद का पत्ता चलाने वाली भाजपा को आवाम ने आईना दिखा दिया। सिद्दकी ने अपने एक बयान में कहा, “”लव जेहाद लफ्ज़ जिस पार्टी की देन है, उसकी फितरत से आम जनता अनजान नहीं है। वह पार्टी जिसे लव जेहाद नाम दे रही है, ऐसा करने वाले दो दर्जन से ज्यादा शख्स उसकी ही पार्टी में तीन दहा से मौजूद हैं।”” उन्होंने कहा कि जिम्नी इंतेखाबात के दौरान इस लफ्ज़ के सहारे लोगों को बांटकर मत पाने की जुगत में लगी भाजपा को जनता ने आईना दिखा दिया।

सपा और भाजपा दोनों ही मआशरे को तक्सीम कर सियासत में जुटी हैं। उनकी इस सियासत पर बसपा का भाईचारा पैगाम भारी प़डने लगा है। हर वक्त इंतेखाब के लिए तैयार बसपा की ताकत मुसलसल बढ़ रही है।

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