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लोक सभा में गोरखालैंड और राज्य सभा में आबदोज़ हादिसा मर्कज़ी मौज़ूआत

लोक सभा में गोरखालैंड के मुतालिबे पर गर्मागर्मी पैदा होगई जबकि तृणमूल कांग्रेस के रुकन ने बी जे पी के सीनीयर क़ाइद जसवंत सिंह को इस मसले के सियासी हल की परज़ोर दरख़ास्त करने पर तन्क़ीद का निशाना बनाया।बादअज़ां माज़रत भी करली। कल्या

लोक सभा में गोरखालैंड के मुतालिबे पर गर्मागर्मी पैदा होगई जबकि तृणमूल कांग्रेस के रुकन ने बी जे पी के सीनीयर क़ाइद जसवंत सिंह को इस मसले के सियासी हल की परज़ोर दरख़ास्त करने पर तन्क़ीद का निशाना बनाया।बादअज़ां माज़रत भी करली। कल्याण बनर्जी ने पुरशोर अंदाज़ में बी जे पी अरकान की तरफ़ इशारा करते हुए नारा लगाया श्रम करो श्रम करो जसवंत सिंह श्रम करो और हम आप को बंगाल तक़सीम करने की इजाज़त नहीं देंगे लेकिन टी एमसी के क़ाइद सुदीप बंडोपाध्याए ने उन्हें रोक दिया।

इस वाक़िये की वजह से ऐवान का इजलास तक़रीबन 90 मिनट तक मुल्तवी कर दिया गया क्योंकि बी जे पी के कई अरकान पुरशोर अंदाज़ में जसवंत सिंह पर तन्क़ीद पर एतराज़ कररहे थे और तमाम मुताल्लिक़ा फ़रीक़ों से बातचीत के ज़रीये गोरखालैंड के मसले की ख़ुशगवार यकसूई को यक़ीनी बनाने का मुतालिबा कररहे थे। वक़फ़ा सिफ़र के दौरान ये मसला उठाते हुए जसवंत सिंह ने मर्कज़ से ख़ाहिश की कि वो सहि फ्रीकी मुआहिदा जो मर्कज़, रियास्ती हुकूमत और गोरखा जन मुक्ती मोरचा के दरमयान तय‌ होचुका है, इस के बारे में बातचीत का अहया किया जाये।

जसवंत सिंह को लोक सभा में इंतेख़ाबी हलक़ा दार्जिलिंग से मुंतख़ब किया गया है जो रियासत मग़रिबी बंगाल का पहाड़ी इलाक़ा है। दार्जिलिंग के मुक़ामी अवाम अलैहदा रियासत गोरखालैंड का मुतालिबा कररहे हैं। जसवंत सिंह ने जैसे ही अपनी तक़रीर ख़त्म की तृणमूल कांग्रेस के अरकान बिशमोल बनर्जी, बंडोपाध्याए और सोगटारे अपनी नशिस्तों से उठ कर खड़े होगए और नारे बाज़ी करने लगे कि बंगाल तक़सीम नहीं होगा।

हम ऐसा करने की इजाज़त नहीं देंगे। जब ऐवान का इजलास दो बजे दिन दुबारा शुरू हुआ तो क़ाइद अपोज़िशन सुषमा स्वराज ने इज़हार-ए-अफ़सोस किया कि उनकी पार्टी के सीनीयर क़ाइद के ख़िलाफ़ ऐसे अलफ़ाज़ इस्तेमाल किए गए हैं। इस पर तृणमूल कांग्रेस के रुकन ने जसवंत सिंह से माज़रत ख़्वाही करली। राज्य सभा में वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के एंटोनी से बयान देने का मुतालिबा करते हुए शिवसेना के रुकन भरत कुमार रावत और बी जे पी रुकन चंदन मित्रा ने हंगामा खड़ा कर दिया।

उन्होंने रूसी साख़ता आबदोज़ कशती संधू रक्षक में आतिशज़दगी पर ईज़हार-ए-तशवीश किया। ये मसला उठाते हुए रावत ने कहा कि ये एक संगीन वाक़िया है। आबदोज़ कश्ती पर हिन्दुस्तानी बहरीया के कई अरकान फंसे हुए हैं। वज़ीर-ए-दिफ़ा को ऐवान को इत्तेला देनी चाहिए कि मौजूदा सूरत-ए-हाल क्या है। वज़ीर-ए-दिफ़ा को राज्य सभा में बयान देना चाहीए। रावत ने कहा कि सीनीयर वुज़रा ऐवान में बैठे हुए हैं लेकिन किसी को इस सानिहा की परवाह नहीं है।

हालाँकि उन्हें अज़खु़द बयान देना चाहीए था। एहतेजाज में रावत के साथ मित्रा भी शामिल होगए और उन्हों ने मुतालिबा किया कि वज़ीर-ए-दिफ़ा को आज ही इस वाक़िये के बारे में ऐवान को तफ़सीलात से वाक़िफ़ करवाना चाहिए। क्योंकि ऐवान का इजलास कल मुनाक़िद नहीं होगा। इजलास की सदारत करने वाले नायाब सदर नशीन पी जे कोरियन ने एंटोनी के आज ही बयान का तायक़ून‌ दिया।

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