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लड़कीयों को सेल फोन्स ना दिए जाएं : बी एस पी

बहुजन समाज पार्टी के एम पी राज पाल सेनी (MP Rajpal Saini) ने अपने एक हालिया ब्यान से तनाज़ा ( वीवाद/ झगड़ा) पैदा कर दिया है। इन का कहना है कि लड़कीयों को सेल फोन्स ना दिए जाएं।

बहुजन समाज पार्टी के एम पी राज पाल सेनी (MP Rajpal Saini) ने अपने एक हालिया ब्यान से तनाज़ा ( वीवाद/ झगड़ा) पैदा कर दिया है। इन का कहना है कि लड़कीयों को सेल फोन्स ना दिए जाएं।

तालिबान की नौईयत ( एक प्रकार) का फ़तवा सादर करते हुए उन्हों ने अपने वर्कर्स से कहा कि बच्चों को ख़ुसूसी तौर पर लड़कीयों को मोबाईल फोन्स ना दिए जाएं। उन्हों ने कहा कि जहां-जहां भी वो अपनी तक़रीर करते हैं, वहां ये बात ज़रूर कहते हैं।

अगर लड़कीयों के पास मोबाईल फोन्स हैं तो उन्हें फ़ौरन वापस ले लिया जाए। क्या मोबाईल फोन्स लड़कीयों के लिए बेहद ज़रूरी हैं। फोन्स ना होने से आख़िर उन की ज़िंदगी में क्या कमी हो जाएगी? अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि आज से पंद्रह या बीस साल क़बल जब हमारी माँ और बहनों के पास सेल फोन्स नहीं थे तो क्या वो मर गईं? मिस्टर सेनी ने यही पैग़ाम एक ऐसे शख़्स को भी दिया जिस के हाल में इसकी बेटी के घर से भाग जाए, पर मिस्टर सेन से लड़की को ढूंढ निकालने तआवुन (मदद) तलब किया था।

मिस्टर सेन ने मज़कूरा ( उक़्त) शख़्स से वाज़िह (स्पष्ट) तौर पर कहा था कि इसकी बेटी के घर छोड़कर भाग जाने की अहम वजह सेल फ़ोन है। कुछ माह क़बल बागपत में एक पंचायत ने मुहब्बत की शादी पर इमतिना ( प्रतिबंध) आइद करते (लगाते)हुए 40 साल से ज़ाइद की उम्र वाली ख्वातीन पर शॉपिंग के लिए घर से बाहर जाने और घर से बाहर सेल फोन्स के इस्तेमाल पर भी इमतिना ( प्रतिबंध/ रोक) आइद कर दिया था। इस इमतिना के बाद मिस्टर सेन के ब्यान को एहमीयत का हामिल समझा जा रहा है।

ये कोई नई बात नहीं है कि सेल फोन्स ने आज लड़कीयों को बिगाड़ने में अहम रोल अदा किया है जहां सेल फोन्स के फ़ायदे हैं, वहीं नुक़्सानात भी हैं और नौजवान लड़के और लड़कीयां सेल फोन्स का ग़लत इस्तेमाल करने में पेश पेश ( बहुत आगे) हैं।

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