Tuesday , March 28 2017
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वरुण गांधी की पीड़ा : रोहित वेमुला का सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़ा था मैं

इंदौर। सांसद और भाजपा नेता वरुण गांधी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रोहित वेमुला का सुसाइड नोट पढ़कर उन्हें रोना आ गया। उसमें लिखा था कि इस तरह का जीवन जीना गुनाह है इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है। यह लाइन पढ़कर वह आंसुओं को रोक नहीं पाए। गौरतलब है कि वेमुला की हत्या का आरोप विपक्ष द्वारा भाजपा के मंत्रियो पर लगता रहा है।

 
वरूण गाँधी यहां एक निजी स्कूल की ओर से ‘नए भारत के लिए सुझाव’ विषयक विषय पर बोल रहे थे। रोहित की आत्महत्या को लेकर कई दलित संगठनों और विपक्षी दलों ‘न्याय’ की मांग कर विरोध प्रदर्शन किया जिससे देश भर में भारी हंगामे मच गया था। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय तथा अन्य ने कथित तौर पर रोहित को आत्महत्या के लिए उकसाया था।

 
उन्होंने अपने भाषण में मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया तथा कहा कि देश की आबादी में 17.18 प्रतिशत अल्पसंख्यक हैं, लेकिन इनमें से केवल चार फीसदी लोग उच्च शिक्षा हासिल कर पाते हैं। हमें इन समस्याओं को हल करना है। मिड-डे मील योजना के तहत कमजोर वर्ग की औरत द्वारा बनाये गए दोपहर के भोजन को स्कूल में 70 प्रतिशत बच्चे नहीं कहते हैं। आखिर हम बच्चों को क्या शिक्षा दे रहे हैं।

 
युवा नेता ने किसानो की ख़ुदकुशी और माल्या के भागने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने देश में आर्थिक असमानता और कर्ज वसूली में भेदभाव को लेकर कहा कि देश के ज्यादातर किसान चंद हजार रुपये का कर्ज न चुका पाने के चलते जान दे देते हैं, लेकिन विजय माल्या पर सैकड़ों करोड़ रुपये का कर्ज बकाया होने के बावजूद वह एक नोटिस मिलने पर देश छोड़कर भाग गया।

 
उन्होंने देश के बड़े औद्योगिक घरानों पर बकाया कर्ज माफ करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अमीरों को रियायत दी जा रही है, जबकि गरीबों की थोड़ी सी संपत्ति को भी निचोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि वरुण के ये सभी आरोप वैसे ही हैं जैसे विपक्ष खासकर कांग्रेस मोदी सरकार पर लगाती रही है।

 

उन्होंने कहा कि जीडीपी विकास दर देश की तरक्की का वास्तविक पैमाना नहीं है और इस सूचकांक की वृद्धि पर फूल के कुप्पा होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे स्वास्थ्य, अशिक्षा और महिलाओं की बेगारी की बुनियादी समस्याओं का हल नहीं मिलता है। जीडीपी को केंद्र सरकार अपनी उपलब्धि की तरह पेश करती है लेकिन वरुण ने इसको नकार दिया।

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