Saturday , October 21 2017
Home / Sports / वाटमोर को मीयाद में तौसी ना देने का फ़ैसला : ज़राए

वाटमोर को मीयाद में तौसी ना देने का फ़ैसला : ज़राए

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कोच डेव वाटमोर के मसाइल हल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं क्योंकि पी सी बी ने उनका मुआहिदा ख़त्म होने के बाद उन्हें मार्च में ओहदा से अलाहदा करदेने का फ़ैसला करलिया है।

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कोच डेव वाटमोर के मसाइल हल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं क्योंकि पी सी बी ने उनका मुआहिदा ख़त्म होने के बाद उन्हें मार्च में ओहदा से अलाहदा करदेने का फ़ैसला करलिया है।

टीम के इंग्लिश फ़ील्डिंग कोच जूलियन फोंटेन के मुआहिदे में भी तौसी नहीं की जाएगी। दोनों के मुआहिदे आइन्दा साल‌ 8 फरवरी को ख़त्म होजाएंगे, इस तरह इमकान है कि उन्हें एक‌ मार्च से पहले लॉंग मार्च का हुक्म दे दिया जाये। ज़राए का कहना है कि जुनूबी अफ़्रीक़ा और श्रीलंका के बीच‌ आइन्दा चार माह में होने वाली दो अहम तरीन सीरीज़ में टीम अच्छी कारकर्दगी दिखाए तो वो भी शायद वाटमोर और फोंटेन के काम ना आसके।

अगर वो टीम की कारकर्दगी में बेहतरी ना लासके तो उन्हें पाकिस्तान टीम को ख़ुदाहाफ़िज़ कहना पड़ेगा। ज़राए का कहना है कि उन को तौसी दिए जाने के इमकानात ना होने के बराबर हैं। ख़ुद वाटमोर सूरत-ए-हाल को भाँपते हुए कह चुके हैं कि मुआहिदे में तौसी फ़रीक़ैन के बाहमी रजामंदी से होती है।

उसे इस जानिब इशारा समझा जा रहा है कि ख़ुद वाटमोर मुआहिदे में मज़ीद तौसी के ख़ाहिशमंद नहीं हैं। इन दिनों वो अपने अहल-ए-ख़ाना को लाहौर के तारीख़ी और तफ़रीही मुक़ामात की सैर करा रहे हैं। लगता है कि उनका पाकिस्तान में क़ियाम अब ज़्यादा तवील नहीं होगा। गुजिश्ता साल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वाटमोर को मुहसिन हसन ख़ान की जगह कोच बनाया था।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वाटमोर के दो साला मुआहिदे का जायज़ा लेकर तफ़सीलात हासिल करली हैं। अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उन्हें वक़्त से [अहले बरतरफ़ करता है तो उन्हें तीन माह की पेशगी तनख़्वाह अदा करनी होगी। इस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को यक़ीन है कि ईस्लामाबाद हाईकोर्ट चेयरमेन नजम सेठी को इख़्तयारात देदेगी जिस के बाद वो बड़े फ़ैसले करने के मौक़िफ़ में होंगे।

पी सी बी के ज़राए के मुताबिक़ डेव वाटमोर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमेन नजम सेठी से दो बद्दू मुलाक़ात में टीम की कारकर्दगी में बेहतरी लाने के लिए मश्वरे दिए हैं। उन्होंने कप्तान की हैसियत से मिसबाह-उल-हक़ की हिमायत करते हुए कहा कि इस मरहले पर कप्तान तबदील करना दरुस्त फ़ैसला नहीं होगा लेकिन मिसबाह-उल-हक़ को अपने रवैये को जारिहाना बनाना होगा और अपनी तर्ज़ रसाई तबदील करनी होगी।

TOPPOPULARRECENT