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वादी कश्मीर में बरक़रारी अमन के लिए वज़ीर-ए-आज़म की अपील

श्रीनगर 13 जुलाई: वादी कश्मीर में आज भी तशद्दुद के इक्कादुक्का वाक़ियात पेश आए और मज़ीद एक शख़्स की हलाकत के बाद अब तक मरने वालों की तादाद 25 तक पहूंच गई है।

वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने सूरत-ए-हाल का जायज़ा लिया और बरक़रारी अमन की अपील की। उन्होंने तवक़्क़ो ज़ाहिर की के किसी भी बेक़सूर शख़्स को किसी तरह की मुश्किल दरपेश नहीं होगी। पुलिस के तर्जुमान ने बताया कि तशद्दुद और लौट मार के वाक़ियात में 5 अफ़राद ज़ख़मी हो गए और कई पुलिस ठिकानों को निशाना बनाया गया।

वादी में तक़रीबन दो दर्जन मुक़ामात पर हुजूम ने तशद्दुद और लौट मार मचाई। ताहम उन्होंने सूरत-ए-हाल को क़ाबू में बताया। चीफ़ मिनिस्टर महबूबा मुफ़्ती ने वालिदैन से अपील की के वो ख़ुद एक माँ की हैसियत से ये कहना चाहती हैं कि अपने बच्चों को इस तरह के पुरतशद्दुद मुज़ाहिरों में हिस्सा लेने ना दें। एसे वाक़ियात में अक्सर इन्सानी जान भी ज़ाए होजाया करती है।

उन्होंने टेलीविज़न पर ख़िताब करते हुए कहा कि ग़ैर समाजी अनासिर आम आदमी को गुमराह कर रहे हैं। उस के नतीजे में तशद्दुद भड़क रहा है और सिक्योरिटी फोर्सेस को भी रद्द-ए-अमल के लिए मुश्तइल किया जा रहा है। दिल्ली में वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने आला सतही मीटिंग में कश्मीर की सूरत-ए-हाल का जायज़ा लिया। वज़ीर-ए-दाख़िला राजनाथ सिंह , अरूण जेटली , वज़ीर-ए-दिफ़ा मनोहर पारीकर , वज़ीर उमूर ख़ारिजा सुषमा स्वाराज और क़ौमी सलामती के मुशीर अजीत डोवल मीटिंग में शरीक थे।

वज़ीर-ए-आज़म ने रियासत की सूरत-ए-हाल पर तशवीश ज़ाहिर की जहां पुरतशद्दुद मुज़ाहिरों और सिक्योरिटी फोर्सेस के साथ झड़पों में मरने वालों की तादाद बढ़कर 25 हो गई है। पिछ्ले जुमा को हिज़्ब उल-मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वाणी की हलाकत के बाद ये तशद्दुद फूट पड़ा।वज़ीर-ए-आज़म जम्मू-ओ-कश्मीर के अवाम से अमन की अपील की ताकि सूरत-ए-हाल को मामूल पर लाया जा सके। उन्होंने ये तवक़्क़ो ज़ाहिर की के किसी भी बेक़सूर शख़्स को किसी तरह की मुश्किल या नुक़्सान का सामना नहीं करना पड़ेगा।वादी में अलहिदगी पसंद ग्रुपस की हड़ताल के सबब सड़कों पर कोई गाड़ियां नहीं चलाई गई और तालीमी इदारे भी बंद रहे ।

मुख़्तलिफ़ तालीमी इदारों में अपने इमतिहानात भी मुल्तवी कर दिए हैं। वादी में कर्फ़यू जैसी तहदीदात हैं और अक्सर अलहिदगी पसंद क़ाइदीन बिशमोल सय्यद अली शाह गिलानी, मीर वाइज़ उम्र फ़ारूक़ और मुहम्मद यसीन मुल्क तहवील में या फिर नज़रबंद हैं।

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