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वादी कश्मीर में मज़ीद हमले करने पाकिस्तान की कोशिश

ख़ित्ता क़बज़ा ( एल ओ सी ) पर तेज़ी से बढ़ती कशीदगी के दरमियान जहां पाकिस्तान की तरफ‌ से जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां देखी जा रही हैं फ़ौज ने कहा कि इस के पास इत्तिलाआत हैं कि पाकिस्तान हमारी सरहदों के अंदर बॉर्डर एक्शन टीम के ज़रीये हमले करने

ख़ित्ता क़बज़ा ( एल ओ सी ) पर तेज़ी से बढ़ती कशीदगी के दरमियान जहां पाकिस्तान की तरफ‌ से जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां देखी जा रही हैं फ़ौज ने कहा कि इस के पास इत्तिलाआत हैं कि पाकिस्तान हमारी सरहदों के अंदर बॉर्डर एक्शन टीम के ज़रीये हमले करने की कोशिश कररहा है । हिन्दुस्तान का इल्ज़ाम है कि बॉर्डर एक्शन टीम जिस में पाकिस्तान की ख़ुसूसी फ़ौज के जवान और दहश्तगर्द शामिल हैं जनवरी में इस के दो सिपाहियों के बहीमाना क़त्ल करचुके हैं इन में से एक का गला काट दिया गया था ।

पूंछ सेक्टर में लाईन आफ़ कंट्रोल से मुत्तसिल हिन्दुस्तानी फ़ौज के पाँच जवान हलाक हुए थे । 120 अनफ़नटरी ब्रिगेड ब्रीगेडियर कमांडर सेनगुप्ता ने पूंछ सेक्टर एल ओ सी भेमभरगली में अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि बॉर्डर एक्शन टीम की इत्तेला है । इस इलाक़े में इस ने अब तक कुछ नहीं किया है । अलबत्ता ये इत्तेला है कि वो लाइन‌ आफ़ कंट्रोल पर हमले करना चाहता है। ब्रीगेडियर सेनगुप्ता इन सवालात का जवाब दे रहे थे कि आया बॉर्डर एक्शन टीम मज़ीद हमले करनेवाली है ।

उन्होंने कहा कि सरहद पर पाकिस्तान की तरफ‌ से जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां जारी हैं । इस ताल्लुक़ से हिन्दुस्तानी फ़ौज भी तय्यार है । अलबत्ता अब तक कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गई । अगर कोई पाकिस्तानी हमला होता है तो हम इसका जवाब देंगे । इस साल जनवरी से 5 अगस्त तक पाकिस्तान की फ़ौज ने 70 मर्तबा जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां की हैं जो पिछ्ले साल के मुक़ाबिल 85 फ़ीसद ज़ाइद हैं। फ़ौजी ओहदेदार ने कहा कि हालिया हफ़्तों में मुसलसल फायरिंग का तबादला अमल में आ रहा है इस से 2003 के हिंद -पाक सरहदी जंग बंदी के इमकानात पर शदीद असर पड़ा है ।

हिन्दुस्तान और पाकिस्तान ने एन डी ए के दौर-ए-हकूमत के दौरान एतेमाद साज़ी के इक़दामात के हिस्से के तौर पर सरहदी जंग बंदी का मुआहिदा किया था अब इसका 26 नवंबर 2013 को एक दहा पूरा होगा । जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयां रोज़ाना की असास पर होरही हैं , किसी वक़फ़े के बगैर पिछ्ले 9 दिन से हमले होरहे हैं इस पर मजबूरन हिन्दुस्तानी फ़ौज को जवाब देना पड़ रहा है । इस साल अगस्त के दौरान हिंद-पाक सरहद पर दूरदराज़ की चौकियों का शहरी इलाक़ों और गशती पार्टियों पर हमले किए गए हैं।

पाकिस्तान की फ़ौज पिछ्ले चंद दिनों से रोज़ाना हमारी दूरदराज़ की चौकियों पर फायरिंग कररही है । ये लोग तेज़ी के साथ मार्टर बम , रेकेटस , आर पी जी और शदीद हमले के हामिल हथियारों से शलबारी कररहे हैं। पाकिस्तान की फ़ौज ना सिर्फ़ रास्त चौकियों पर फायरिंग कररही है बल्कि शहरी इलाक़ों , मवाज़आत को भी निशाना बना रही है । हिंद-पाक जंग बंदी का पाकिस्तान कोई एहतेराम नहीं कररहा है । हिन्दुस्तानी फ़ौज ने माज़ी में एक से ज़ाइद मर्तबा इश्तिआल अंगेज़ियों के बावजूद इस जंग बंदी के तक़द्दुस को पामाल नहीं किया ।

पाकिस्तान की सरहदी एक्शन टीम के ख़तरात में इज़ाफ़ा होगया है । हमारी चौकियों पर हमले के इमकानात के बाद फ़ौज ने दिन रात चौकसी इख़तियार करली है । सरहदी सेक्टर पर तैनात यूनिट के कर्नल इनाई शंकर ने कहा कि हमारे सिपाही अब मोरचा बंद हैं। सेनगुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग का मक़सद दहश्त गर्द को दरअंदाज़ी में मदद करना है और एल ओ सी पर तैनात हमारे सिपाहियों के हौसले पसंद करने की कोशिश की जा रही है ।

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