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वादों का पिटारा खोल दिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी… शेर को उधृत करते हुए कहा कि इसे देशवासियों ने जी कर दिखाया। उन्होंने कहा कि यदि आज शास्त्री जी, लोहिया जी, जेपी जी अगर आज होते तो देशवासियों को आशीर्वाद जरूर देते। अच्छाई के लिए होने वाले आंदोलनों में जनता और सरकार आमने सामने होते हैं, लेकिन इस आंदोलन में सरकार और जनता दोनों कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ रहे हैं। नोटबंदी के दौरान देशवासियों ने जो कष्ट सहा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बनेगा। ईमानदारों की रक्षा सरकार का जिम्मा है, काला धन समाज के लिए नासूर है। आदतन बेइमान लोगों को भी अब तकनीक की ताकत के कारण काले कारोबार से निकलकर ईमानदारी से काम करना ही होगा। नोटबंदी से हुई दिक्कतें उज्ज्वल भविष्य के लिए किया गया बलिदान हैं। गड़बड़ी कर के लिए सरकार को हरगिज़ नहीं बख्शेगी। सबका साथ-सबका विकास को चरितार्थ करने के लिए नव वर्ष की पूर्व संध्‍या पर देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए सरकार कई योजनाएं लाई हैं जिसमें शहरी गरीब के लिए दो नई हाउसिंग योजना, पीएम आवास योजना के तहत शहरों में बनने वाले घरों पर नौ लाख के कर्ज पर ब्याज में 4% और 12 लाख पर 3% की छूट, जिन किसानों ने रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था, सरकार उनके 60 दिन का ब्‍याज वहन करेगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि अगले तीन महीने में तीन करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड को रुपे कार्ड में बदला जाएगा। बैंक गरीबों को ध्‍यान में रखकर काम करें, बैंक लोकहित में उचित निर्णय लें, भ्रष्‍टाचार और कालेधन के खिलाफ इस लड़ाई को हमें रूकने नहीं देना है। अगले तीन महीने में तीन करोड़ किसानों के क्रेडिट कार्ड को रुपए कार्ड में बदला जाएगा। अभी किसानों को बैंक जाकर पैसे लेने होते थे, अब वे कहीं भी खरीद-फरोख्त कर सकते हैं। लघु और मध्यम वर्ग के उद्योगों के लिए भी सरकार ने नई स्कीम बनाई है। छोटे कारोबारियों के क्रेडिट गारंटी एक करोड़ रुपए से दो करोड़ रुपए करेगी। सरकार इसकी गारंटी लेगी। इसके तहत नोन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों से लिया गया लोन भी आएगा। देश के 650 से ज्यादा जिलों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में पंजीकरण, डिलीवरी, टीकाकरण और पौष्टिक आहार के लिए छह हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि उनके अकाउंट में सीधे ही जाएगी। अभी इस योजना के तहत चार हजार रुपए दिए जाएंगे। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत यह स्कीम 53 जिलों में चलाई जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक स्कीम शुरू की गई है। अब साढ़े सात लाख रुपए की राशि पर उनके लिए दस साल तक की अवधि के लिए सालाना आठ फीसदी बयाज दर सुरक्षित कर दी गई है। यह बयाज राशि वरिष्ठ नागरिक हर महीने अपने अकाउंट से निकाल सकते हैं। इसके साथ ही कहा कि यह सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सज्जन बनाने के पक्ष में है, अर्थव्यवस्था में कैश का अभाव तकलीफ़देह है, पर इसका प्रभाव और भी तकलीफ़देह है, नोटबंदी ने आतंकवाद, नक्सलवाद और जाली नोटों पर गहरी चोट की है। अर्थव्यवस्था से बाहर जो धन था वो अब बैंकों के माध्यम से अर्थव्यवस्था में आ गया है। समय आ गया है कि राजनीति को काले धन से मुक्त कराने के लिए सार्थक बहस हो और लोकसभा व विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाएं।

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