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विदेशों में ‘मेक इन इंडिया’ और देश में ‘हेट इन इंडिया’- शशि थरुर

जयपुर। जयपुर साहित्य उत्सव में शामिल होने आये कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया पॉलिसी की आलोचना की। पूर्व राज्य विदेश मंत्री शशि थरुर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नरेद्र मोदी की मेक इन इंडिया पॉलिसी के जरिये दरअसल उस सेल्समैन की तरह बर्ताव कर रही है जो एक खाली डिब्बे को बेचने की कोशिश करता है। थरुर ने कहा कि हकीकत ये है कि हम इसमें देश को अहमियत ही नहीं दे रहे हैं। हमारा सारा फोकस विदेशी इनवेस्टर्स का भारत में इनवेस्ट कराने का है लेकिन हमारे घरेलू इनवेस्टेर्स इस देश का पैसा दूसरे देश में लगा रहे हैं।

अपनी बुक ‘ इरा ऑफ डार्कनेस’ का प्रमोशन करने आएं शशि थरुर ने कहा मोदी एक सेल्समैन की तरह बिना थके विदेशों की यात्रा कर रहे हैं। और हमारे देश और उसके विकास के बारे में दुनिया को समझा भी रहे हैं। लेकिन हमारी सारी कोशिश डिप्लोमेसी के जरिये बिजनेस बढ़ाने की है। लेकिन इसका हासिल कुछ नहीं निकल रहा है। इसकी दो वजह है-पहली हम दुनिया के सामने एक खाली पैकेज की तरह है। हमारे सेल्समैन दुनिया को खाली पैकेज पेश कर रहा है। जब हमारे देश के इनवेस्ट्रस दूसरे देशों में पैसा लगा रहे हैं ऐसे मोदी जी विदेशी निवेशक को कैसे यहां ला सकते हैं।
दूसरी वजह में वो कहते हैं डिप्लोमेसी का मतलब ही देश का हीत होता है। हमें ये साफ कर देना चाहिए कि हमारे फॉरेन पॉलिसी में देशहीत सबसे उपर है। इसके जरिये हम देश के लोगों का विकास चाहते हैं। इसलिए हमें ऐसे देशो से बेहतर रिश्ते बनाने की सोचना चाहिए जहां से इनवेस्टर्स आ सके। हमें ऐसे देशो से रिश्ता बनाना चाहिए जो हमारे देश को इनर्जी सिक्यूरिटी की फिक्र से आजाद करा सके-जैसे अरब।

लेकिन एक तरफ जहां मेक इन इंडिया प्रमोट कर रहे हैं दूसरी तरफ घरेलू मोर्चे पर हेट इन इंडिया चला रहे हैं। उन्होंने कहा स्कूली शिक्षा में भी एक राजनीतिक विचारधारा को हावी किया जा रहा है। एक खास तरह संकरी राष्ट्रवाद को देश में फैलाया जा रहा है। जिसमें सभी का शामिल होना मुश्किल है। उन्होनें कहा कांग्रेस और बीजेपी की राष्ट्रवादिता में यही फर्क है। कांग्रेस जहां सबको साथ लेकर चलने की बात लेकर राष्ट्रवाद को समझाती है वहीं बीजेपी के राष्ट्रवाद में सबका समाना आसान नहीं होता।

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