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व्यापम स्कैम तहक़ीक़ात‌ शुरू करने कितना वक़्त चाहिए

नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने सी बी आई से सवाल किया कि वो अंदरून हफ़्ता अदालत को मतला करे कि उसे व्यापम स्कैम की सारी तहक़ीक़ात अपने हाथ में लेने कितना वक़्त दरकार होगा ताकि इस मसले पर निगरानी का फैसला किया जा सके। चीफ जस्टिस एच एल दत्तू की क़ियादत वाली एक बेंच ने सी बी आई से कहा कि हम ये जानना चाहते हैं कि सी बी आई मध्य प्रदेश के व्यापम स्कैम की मुकम्मल तहक़िक़ात कब तक अपने हाथ में लेगी।

इस पर अदालत को निगरानी का फैसला करना है यह फिर किसी और से कहना है कि वो उस की निगरानी करे। इस बेंच में जस्टिस अरूण मिश्रा और जस्टिस अमित्वा राय भी शामिल थे। बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर  जनरल मनिंदर सिंह से ये जानना चाहा कि अदालत में सी बी आई की नुमाइंदगी के लिए वकील का तक़र्रुर कब किया जाएगा।

मध्य प्रदेश हुकूमत की नुमाइंदगी करते हुए सीनियर‌ वकील एल नागेश्वर राव‌ ने कहा कि ज़रूरत इस बात की है कि सी बी आई की नुमाइंदगी के लिए एक से ज़्यादा वुकला हूँ क्योंकि इस स्कैम से कई मुक़द्दमात पैदा हो रहे हैं। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वो आइन्दा जुमा तक बेंच के तमाम सवालात के जवाब देने के मौक़िफ़ में रहेंगे।

सीनियर‌ वुकला कपिल सिब्बल और वेवेक तनखा ने जो कांग्रेस लीडर दिग्विजय‌ सिंह की नुमाइंदगी कर रहे थे उन्होंने कहा कि इस केस में सी बी आई तहकीकात की निगरानी ख़ुद अदालत करे। उन वुकला ने कहा कि अदालत की मदद के लिए भी एक वकील का तक़र्रुर किया जाना चाहिए।

अदालत ने कहा कि सी बी आई का जवाब मिलने के बाद ही तमाम पहलूओं का जायज़ा लिया जा सकता है। अदालत के इस्तिफ़सार पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अदालत ने जो कुछ भी सवाल किए हैं वो उनके जवाबात आइन्दा जुमा तक देने के मौक़िफ़ में होंगे फ़िलहाल नहीं।

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