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व्हाट्सएप व फेसबुक से पटना में सेक्स रैकेट का खुलासा

पटना : पटना में व्हाट्स एप व फेसबुक के माध्यम से सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था. इसका खुलासा उस समय हुआ, जब कंकड़बाग पुलिस ने अशोक नगर के रोड नंबर आठ में अनिल कुमार के मकान में किरायेदार सुजीत के फ्लैट में छापेमारी की. बीते 17 जून को पटना में ऑनलाइन बुकिंग के जरिए देह व्यापार के हाइ-प्रोफाइल रैकेट को पुलिस ने बेनकाब किया था। पुलिस के हत्थे चढ़ी आरा की कुल्हिडय़ा निवासी सैक्स रैकेट संचालिका प्रभा देवी ने बताया कि उसने ग्राहकों की ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था कर रखी थी। बुकिंग खर्च में खाना और नाश्ता का चार्ज भी जुड़ा होता था। सुबह, दोपहर, शाम और रात के रेट अलग-अलग थे। सुरक्षा की गांरटी भी दी जाती थी। सब कुछ एक वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाता था।
इस दौरान सुजीत तो फरार होने में सफल रहा. लेकिन, तीन ग्राहक मंटू कुमार (कोपा, नौबतपुर), राज कुमार प्रसाद (बैंकमेंस कॉलोनी, पत्रकार नगर) व बेतल प्रसाद (हाजीपुर) को पकड़ लिया गया. ऑनलाइन बुकिंग के बाद गिरोह के सदस्य ग्राहक को वाट्सएप नंबर उपलब्ध कराते थे। ग्राहक को उसके वाट्सएप पर लड़कियों की तस्वीरें व वीडियो भेजे जाते थे। फिर, गिरोह का एक सदस्य ग्राहक को पसंद की लड़की के पास फ्लैट में लाता था।

साथ ही पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना की दो युवतियों को मुक्त भी कराया गया और स्वयंसेवी संस्था के हवाले कर दिया गया. पकड़े गये तीनों ग्राहक व्यवसायी हैं. मकान मालिक वहां नहीं रहते है और उनके फ्लैट को अधिक रेंट दस हजार प्रतिमाह देकर लिया गया था, कंकड़बाग थानाध्यक्ष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. प्रभा देवी के ठिकाने से मुक्त कराई गईं लड़कियों ने पूछताछ में बताया कि उनकी दोस्तों ने ही पैसे का झांसा देकर इस धंधे में धकेल दिया। फ्लैट में आने वाली लड़कियां नेपाल व कोलकाता सहित अन्य राज्यों की होती थीं। इसके पहले पुलिस ने कंकड़बाग थाने के गायत्री मंदिर के पास से एक सेक्स रैकेट सरगना धीरज को पकड़ा था। उसके चंगुल से तीन नाबालिग लड़कियों को भी छुड़ाया गया था। उन लड़कियों को भी झांसा देकर फांसा गया था।

बताया जाता है कि ग्राहकों को सुजीत अवैध शराब की भी सप्लाई करता था. लेकिन, इसके लिए वह अतिरिक्त पैसे लेता था. इसके साथ ही वह एक ग्राहक से दो से तीन हजार रुपये लेता था. लेकिन, मात्र पांच सौ ही युवतियों को दिया जाता था. युवतियों ने पुलिस को बताया है कि सुजीत उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर पटना लाया था.धीरज का धंधा भी ऑनलाइन चल रहा था। धीरज ग्राहकों से एक रात के लिए डेढ़ हजार से दो हजार रुपए वसूलता था। वह लड़कियों को पांच से सात सौ रुपए देता था। नाबालिग लड़कियों के लिए वह ग्राहकों से तीन से चार हजार रुपए वसूलता था। कोई ग्राहक अगर लड़की को अपने घर ले जाना चाहे तो इसके लिए ‘एक्स्ट्रा चार्ज’ लगता था।

दरअसल, ऑनलाइन सेक्स का धंधा केवल पटना ही नहीं, बल्कि यूपी, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु सहित देश भर के शहरों से जुड़ा है। ऑनलाइन मांग के आधार पर देश के कई राज्यों की लड़कियां बुलाई जाती हैं। हर जगह रैकेट की फ्रैंंचाइजी दी गई है। इंटरनेट और फोन कॉल के जरिए बुकिंग की जाती है। जिस जगह का कस्टमर होता है, उसी सेंटर से लड़कियां भेजी जाती हैं।

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