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वज़ीर-ए-आज़म ने सख़्त फ़ैसलों का पहले ही इन्किशाफ़ ( ज़ाहिर) कर दिया था

नई दिल्ली, १९ सितंबर (पी टी आई) मआशी इस्लाहात ( माली हालात मे सुधार ) के बारे में ज़ोरदार फ़ैसले करने से हफ़्तों क़बल वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने रीटेल में एफ डी आई की इजाज़त देने के इरादे के ताल्लुक़ से ममता बनर्जी पर वाज़िह ( स्पष्ट) कर दिय

नई दिल्ली, १९ सितंबर (पी टी आई) मआशी इस्लाहात ( माली हालात मे सुधार ) के बारे में ज़ोरदार फ़ैसले करने से हफ़्तों क़बल वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने रीटेल में एफ डी आई की इजाज़त देने के इरादे के ताल्लुक़ से ममता बनर्जी पर वाज़िह ( स्पष्ट) कर दिया था और जुमा के काबीनी इजलास ( Cabinet Meeting) से ऐन क़बल उन्हें इत्तेला करने के लिए फ़ोन किया लेकिन उन्होंने फ़ोन काल वसूल ( Receive) नहीं किया।

वज़ीर-ए-आज़म ने कल भी ममता बनर्जी से बात करनी चाही और उन के दफ़्तर की तरफ़ से उन्हें फ़ोन काल किया गया जिस पर अभी तक कोई जवाब वसूल (प्राप्त) नहीं हुआ, ज़राए ने ये बात कही। ज़राए ने कहा कि इस के इलावा पसेपर्दा (गुप्त) तौर पर बाअज़ कांग्रेस क़ाइदीन ( लीडर) ने ममता के लिए पैयामात छोड़े कि डाक्टर सिंह से बात करें, और उसे भी नजरअंदाज़ कर दिया गया।

ममता के इस्तिदलाल (दलील/ प्रमाण) को मुस्तर्द ( रद्द) करते हुए कि उन्हें एफ डी आई पर फ़ैसलों के बारे में अंधेरे में रखा गया, ज़राए ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म ने अपने इरादे का यू पी ए राबिता कमेटी मीटिंग मुनाक़िदा 22 अगस्त में इन्किशाफ़ ( ज़ाहिर) कर दिया था, जहां तृणमूल कांग्रेस लीडर-ओ-चीफ़ मिनिस्टर मग़रिबी बंगाल शरीक थीं।

ज़राए ने कहा कि इस इजलास ( Meeting/ सभा) की शुरूआत में डाक्टर सिंह ने 17 मसाइल ( सम्सयाओं) बिशमोल ( जिसमें) रीटेल और हवाबाज़ी (Aviation) में एफ डी आई को पेश करते हुए कहा था कि इस ज़िमन में फ़ैसले डीज़ल की क़ीमत में इज़ाफे़ के साथ करने की ज़रूरत है क्योंकि मईशत (आर्थिक स्थिती) का बुरा हाल है।

ज़राए के मुताबिक़ ममता ने इस मीटिंग में ब्यान किया कि वो इन मसाइल के ताल्लुक़ से बात करना नहीं चाहतीं और वज़ीर-ए-आज़म के साथ निजी तौर पर तबादला-ए-ख़्याल (विचार विमर्श) करेंगी। इस के बाद वज़ीर फायनेन्स पी चिदम़्बरम ने वज़ाहत (स्पष्टीकरण) की थी कि हुकूमत को इस्लाहात (सुधार) पर आगे बढ़ने और मालीयाती ख़सारा (नुकसान) में कटौती लाने की ज़रूरत है ताकि सरमाया कारों (Investors) का एतिमाद (यकीन) बहाल हो सके।

लेकिन ममता ने इसरार (हठ/ जिद/ बार बार कहना) किया कि वो इस ताल्लुक़ से अलैहदा तौर पर वज़ीर-ए-आज़म से बात करेंगी। ज़राए ने कहा कि बादअज़ां गुज़श्ता जुमा को काबीना ( मंत्रीमंडल) की मीटिंग से ऐन क़बल जब एफ डी आई फ़ैसले किए गए, डाक्टर सिंह ने नागुज़ीर फ़ैसलों के ताल्लुक़ से इत्तिला देने के लिए उन्हें फ़ोन किया था क्योंकि तृणमूल नुमाइंदा और वज़ीर रेलवे मुकुल राय इस मीटिंग में शिरकत नहीं कर रहे थे।

ताहम ( यद्वपी) ममता बनर्जी ने वज़ीर-ए-आज़म का फ़ोन काल वसूल ( receive) नहीं किया।

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