Wednesday , October 18 2017
Home / Crime / शंकररामन मर्डर केस में शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती बरी

शंकररामन मर्डर केस में शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती बरी

पुड्डुचेरी की अदालत ने साल 2004 के मशहूर शंकररामन कत्ल केस मामले में सभी मुल्ज़िमो को बरी कर दिया है। इस मामले में कांचीमठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती और विजयेंद्र अहम मुल्ज़िम थे।

पुड्डुचेरी की अदालत ने साल 2004 के मशहूर शंकररामन कत्ल केस मामले में सभी मुल्ज़िमो को बरी कर दिया है। इस मामले में कांचीमठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती और विजयेंद्र अहम मुल्ज़िम थे।

पुड्डुचेरी के चीफ जिला और सेशन अदालत के जज सीएस मुरुगन नौ साल के इंतेजार के बाद ये फैसला सुनाया है। बचाव पार्टी के वकील ने बताया कि अदालत में उनके मुवक्किलों के खिलाफ जो गवाह पेश किए गए वो गुनाह को साबित नहीं कर सके।

तमिलनाडु के कांचीपुरम के वरदराजपेरामल मंदिर के मैनेजर रहे शंकररामन का 3 सितंबर 2004 को कत्ल कर दिया गया था ‌। इस मामले में 24 लोगों को मुल्ज़िम बनाया गया था, जिसमें एक मौत हो चुकी है। इन 23 लोगों पर आईपीसी की अलग-अलग दफआत के खिलाफ मामला चल रहा है, जिसमें 120‍बी मुजरिमाना साजिश और और 120-बी शामिल है।

जयेंद्र सरस्वती और विजयेंद्र सरस्वती को इस मामले का अहम मुल्ज़िम बनाया गया था। कांचीमठ के एक और मैनेजर सुंदरसन और जयेंद्र सरस्वती के भाई रघु को भी मुल्ज़िम बनाया गया था।

इनमें छह लोगों के खिलाफ आईपीसी की दफा 302 कत्ल, 120-बी और 109 के तहत मामला चल रहा था। 24 मुल्ज़िमों में से एक काथिरवन की चेन्नई के केके नगर में इसी साल मार्च में कत्ल कर दिया गया ।

2009 से लेकर 2012 तक चले इस कत्ल केस के ट्रायल में 189 लोगों से पूछताछ की गई है, जिसमें से 83 अपने बयान से मुकर गए।

TOPPOPULARRECENT