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शक्कर के इस्तिमाल से 3.5 करोड़ अफ़राद की अम्वात

न्यूयार्क ०४ फरवरी(एजैंसीज़) दुनिया भर में शक्कर के इस्तेमाल से 3 करोड़ 50 लाख अफ़राद मौत के मुंह में चले जाते हैं। शक्कर की मिक़दार का मामूली इस्तेमाल नुक़्सानदेह नहीं लेकिन ज़्यादा मिक़दार बतदरीज मौत की तरफ़ धकेल देती है। साईंसदानों

न्यूयार्क ०४ फरवरी(एजैंसीज़) दुनिया भर में शक्कर के इस्तेमाल से 3 करोड़ 50 लाख अफ़राद मौत के मुंह में चले जाते हैं। शक्कर की मिक़दार का मामूली इस्तेमाल नुक़्सानदेह नहीं लेकिन ज़्यादा मिक़दार बतदरीज मौत की तरफ़ धकेल देती है। साईंसदानों के मुताबिक़ शक्कर की फ़रोख़त के लिए सिगरेट और शराब की तरह सख़्त ज़वाबत तय किए जाएं, इंसानी जिस्म के लिए शक्कर की मिक़दार मुक़र्रर है।

तिब्बी नुक्ता-ए-नज़र से मर्द रोज़ाना 120 ग्राम जबकि ख़वातीन 90 ग्राम शक्कर खा सकते हैं। मग़रिबी मीडीया रिपोर्टस के मुताबिक़ मुहक़्क़िक़ीन ने ख़बरदार करते हुए कहाकि शुक्र से तैयार करदा खाने की अशीया और मशरूबात कई बीमारीयों की वजह बनते हैं इन में मोटापा, आरज़ा-ए-क़्लब, कैंसर और जिगर के मसाइल समेत कई दीगर अमराज़ शामिल हैं।

दुनिया भर में 35 मिलीयन अफ़राद की मौत का सबब बनने वाली शक्कर के इस्तेमाल के लिए टैक्स और क़ानूनी ज़ाबते तय किए जाएं। अमेरीकी जरीदे नेचर में शाय मज़मून में अमरीकी मुसन्निफ़ीन ने ख़बरदार करते हुए कहाकि दुनिया भर में मोटापा एक मसला बन गया है और इस की वजह शक्कर है जो जिस्म में चर्बी के साथ साथ अजज़ा के तहलीली अमल को भी मुतास्सिर करता है, ये हाई ब्लड प्रैशर , हारमोन्ज़ में ग़ैर तवाज़ुन और जिगर को नुक़्सान पहुंचाती है।

मुहक़्क़िक़ीन ने ऐसे तमाम मशरूबात जिन में शुक्र की मिक़दार ज़्यादा इस्तेमाल की जाती है उन पर भारी टैक्स आइद करने की सिफ़ारिश की है।

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