Wednesday , September 20 2017
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शरद यादव ने कहा, किसी कीमत पर नहीं देंगे राज्यसभा से इस्तीफा

पटना : शरद यादव ने राज्यसभा से इस्तीफा देने से इंकार कर दिया है. शरद ने कहा कि न तो उन्होंने संविधान के 10वें शेड्यूल का उल्लंघन किया है और न ही उन्होंने पार्टी के खिलाफ कोई काम किया है. शरद यादव ने कहा है कि ऐसा नहीं है कि उन्होंने पहले कभी इस्तीफा नहीं दिया है। इससे पहले कई ऐसे मौके आए हैं जब उन्हें राज्यसभा और लोकसभा से इस्तीफा देना पड़ा है। लेकिन इस बार का उनका कदम जनता के हित में है। वो राज्यसभा की सीट के लालच में इस्तीफा देने से मना नहीं कर रहे हैं।

नीतीश पर पार्टी के उसूलों को छोड़ने का आरोप लगाते हुए शरद ने कहा कि वह ही असली जेडीयू हैं और चुनाव आयोग में इसे साबित कर देंगे. हालांकि नीतीश खेमे का दावा है कि शरद ने खुद ही पार्टी छोड़ी है और उनकी राज्यसभा की सदस्यता जाना तय है.

चुनाव आयोग और राज्यसभा सचिवालय से मिले झटकों के बावजूद जेडीयू के बागी नेता शरद यादव हथियार डालने को तैयार नहीं हैं. शरद ने कहा कि उनके समर्थक 17 सितंबर को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला रहे हैं जिसमें आगे की रणनीति तय की जायेगी. अगले महीने 8 अक्टूबर को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी दिल्ली में बुलाई गई है. शरद यादव खेमा दावा कर रहा है कि पार्टी के ज्यादातर विधायक और सांसद भले ही नीतीश के साथ हों लेकिन संगठन में अब भी शरद की पकड़ मज़बूत है.

वहीं दूसरी तरफ नीतीश समर्थक केसी त्यागी ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर शरद यादव चुनाव आयोग को भी नहीं मानते तो वह उनके लिए सिर्फ अफ़सोस ही ज़ाहिर कर सकते हैं. त्यागी ने ये भी दावा किया कि शरद खुद ही पार्टी छोड़ चुके हैं.

चुनाव आयोग में नीतीश खेमे ने पार्टी के ज्यादातर सांसदों, विधायकों और प्रदेश अध्यक्षों के दस्तखत वाले शपथपत्र जमा कराए हैं. समाजवादी पार्टी के विवाद में अगर चुनाव आयोग के फैसले को नज़ीर माना जाये तो जेडीयू पर नीतीश का कब्ज़ा तय है. वहीं शरद यादव ने कहा कि भाजपा के साथ चवन्‍नी-दुअन्‍नी वाली पार्टियां हैं, जबकि अटल-आडवाणी के दौर में ऐसा नहीं था। तब राजग में राष्‍ट्रीय एजेंडा था, जबकि आज केवल भाजपा का एजेंडा है।

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