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शराबबंदी को लेकर बिहार और झारखंड सरकारें आमने-सामने

पटना : बिहार में मुकम्मील शराबबंदी है. वजीरे आला नीतीश कुमार 10 मई को धनबाद से झारखंड में भी शराबबंदी के मुहिम की शुरुआत करने वाले हैं. अब शराबबंदी को लेकर बिहार और झारखंड की सरकारें आमने-सामने हैं. झारखंड के सीएम रघुवर दास ने बिहार में शराबबंदी को लेकर कहा कि दस सालों तक नीतीश कुमार ने लोगों को शराब पिला-पिलाकर नशेड़ी बना दिया और अब शराबबंदी की बात करते हैं. रघुवर दास ने कहा कि नीतीश कुमार पर हुकुमत का नशा चढ़ा हुआ है, बहुत जल्द यह बुखार उतर जायेगा.

रघुवर दास ने साफ इशारा दिया कि बिहार का मॉडल झारखंड में नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में बेरोजगारी है और जब लोग बेरोजगार होते हैं, तब उन्हें शराब की लत लग जाती है. रघुवर दास ने तंज कसते हुए कहा कि झारखंड में बिहार नहीं बल्कि गुजरात मॉडल चलेगा. रघुवर दास ने कहा कि नीतीश कुमार अंगुली काटकर शहीद बनना चाहते हैं. ऐसा नहीं चलेगा.

झारखंड के वजीरे आला ने कहा कि नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने बिहारियों को किसने नशेड़ी बनाया. रघुवर दास ने कहा कि हर रियासत की अपनी जरूरत होती है. उस हिसाब से मनसुबे बनती हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार गलत संगत में चले गये हैं. रघुवर दास का कहना था कि जो लोग बिहार में शराबबंदी की बात करते हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि यह नीतीश कुमार की नाकामयाबी है कि वो लोगों को शराब पिलवाते रहे हैं.

रघुवर दास के बयान के बाद जदयू के तर्जुमान और विधान पार्षद नीरज ने कहा कि झारखंड के वजीरे आला का मेडिकल टेस्ट होना चाहिए. रघुवर दास शराब के नशे में चूर हैं. नीरज कुमार ने रघुवर दास पर हमला करते हुए कहा कि शराबियों को ही शराबबंदी से एतराज होता है. नीतीश के झारखंड पहुंचने से पहले रघुवर बेचैन हो गये.

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