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शहरी मजालिस मुक़ामी इंतिख़ाबात मुनाक़िद करने सुप्रीम कोर्ट का हुक्म

नई दिल्ली हैदराबाद 19 फ़बरोरी : सुप्रीम कोर्ट ने आज हुकूमत आंध्र प्रदेश से कहा कि वो पसमांदा तबक़ात , दर्ज फ़हरिस्त तबक़ात-ओ-क़बाईल के लिए मौजूदा 60.5 फ़ीसद कोटा की बुनियाद पर शहरी मजालिस मुक़ामी और पंचायत राज इदारों के इंतिख़ाबात मुनाक़िद कि

नई दिल्ली हैदराबाद 19 फ़बरोरी : सुप्रीम कोर्ट ने आज हुकूमत आंध्र प्रदेश से कहा कि वो पसमांदा तबक़ात , दर्ज फ़हरिस्त तबक़ात-ओ-क़बाईल के लिए मौजूदा 60.5 फ़ीसद कोटा की बुनियाद पर शहरी मजालिस मुक़ामी और पंचायत राज इदारों के इंतिख़ाबात मुनाक़िद किए जाएं। जस्टिस पी सथासेवम और जस्टिस जे एस खेहर ने मुख़्तलिफ़ तबक़ात के लिए 50 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात मुक़र्रर करते हुए ये इंतिख़ाबात मुनाक़िद करने आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट के फैसले को चैलेंज करते हुए रियासती हुकूमत और दूसरों की तरफ़ से पेश करदा दरख़ास्त पर ये हुक्म जारी किया है ।

जिस के बाद हुकूमत आंध्र प्रदेश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अहकाम के मुताबिक़ वो मुम्किना ये इंतिख़ाबात मुनाक़िद करने की ख़ाहिशमंद है । रियासती वज़ीर पंचायत राज के जाना रेड्डी ने यहां अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए कहा कि हम बहुत जल्द ये इंतिख़ाबात मुनाक़िद करने तयार हैं।

इस दौरान रियासती एलेक्शन कमिशनर पी रमा कांत रेड्डी ने कहा कि तहफ़्फुज़ात और हलक़ों की हदबंदी पर रियासती हुकूमत के फैसले के बाद रियासती एलेक्शन कमीशन अंदरून 90 दिन पर इंतिख़ाबात मुनाक़िद करने केलिए तय्यार होजाएगा ।

शहरी मजालिस मुक़ामी की मीआद सितंबर 2010 में और पंचायत राज इदारों की मीआद जुलाई 2011में मुकम्मल होगई थी जिस के बाद से ये इदारे मुंख़बा कौंसिलस की अदमे मौजूदगी में स्पैशल ऑफीसर के तहत काम कररहे थे ।

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