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शहर में इबरतनाक वाक़िया निकाह के फ़ौरी बाद शराब के नशे में धुत दुलहा की पिटाई

हैदराबाद 17 फरवरी : सर पर शिमला गले में वज़नी फूलों का हार और चेहरे पर सहरे के फूल बिखेरे शराब के नशे में धुत दुलहे मियां अजीब अंदाज़ में स्टेज की तरफ आहिस्ता आहिस्ता बढ़ते जा रहे हैं ।

हैदराबाद 17 फरवरी : सर पर शिमला गले में वज़नी फूलों का हार और चेहरे पर सहरे के फूल बिखेरे शराब के नशे में धुत दुलहे मियां अजीब अंदाज़ में स्टेज की तरफ आहिस्ता आहिस्ता बढ़ते जा रहे हैं ।

स्टेज पर क़ाज़ी साहिब , दुलहन के वालिद मामूं चचाएं और दीगर रिश्तेदार इन का बे चीनी से इंतिज़ार कररहे हैं लेकिन नौशा एक क़दम आगे बढ़ाते हैं तो दूसरा क़दम बढ़ाने की कोशिश में वो लड़खड़ा जाते हैं । उन के दोस्त भी बाज़ू थामे स्टेज की तरफ बढ़ने में उन की मदद कररहे हैं लेकिन उन दोस्तों की हालत भी नौशा से कम नहीं दिखाई देती ।

तमाम मेहमानों की नज़रें नौशा पर टिक्की हुई हैं । बहरहाल बड़ी मुश्किल से नौशा स्टेज पर पहूंच ही गए । क़ाज़ी साहिब ने बना किसी ताख़ीर‍ओ‍तेराज़ के निकाह की कार्रवाई पूरी करदी और अपनी फैसले कर चलते बने । फ़िज़ा में मुबारक मुबारक की सदाएं गूंजने लगीं । नौशा मेहमानों से लड़खड़ाते हुए मुबारकबाददी क़बूल कररहे थे कि अचानक किसी के गाल पर एक ज़ोरदार थप्पड़ रसीद किए जाने की आवाज़ के साथ ही नौशा ज़मीन पर गिर पड़े । दरअसल फ़िज़ा में थप्पड़ की जो ज़नाटे दार आवाज़ गूंजी थी वो किसी के हाथ और नौशा के गाल के दरमियान टकराव‌ का नतीजा थ‌।

इस तमांचे के साथ ही नौशा पर घूंसों और लातों की बारिश शुरू होगई और देखते ही देखते उन के बदन पर लदे फूलों का नाम-ओ-निशान बाक़ी नहीं ये तो अच्छा हुआ कि कुछ लोगों ने बीच बचाव‌ करवाया वर्ना नौशा के कपड़े भी इसी तरह उतर जाते जिस तरह मुक्के और लातों ने इन का नशा उतार दिया था।

क़ारईन ये कोई ड्रामा यह कहानी का कोई हिस्सा नहीं बल्के हक़ीक़त में पेश आया एक इबरतनाक वाक़िया है जिस ने मुआशरा को झिंझोड़ कर रखदया है। आप को बतादें कि मधानी डिपो रियासत नगर के करीब एक शादी ख़ाना नेशनल फंक्शन हाल है जहां इस हफ़्ते ये शादी हुई थी ।

और शादी में नौशा शराब में धुत हो कर पहूँचा अपनी ज़िंदगी के इस मुबारक दिन को भी बदबख़्त नौजवान ने अपने ही हाथों तबाह-ओ-बर्बाद कर डाला और जहां उसे हुजरा उरूसी में होना चाहीए था संतोषनगर पुलिस स्टेशन में बैठा अपनी बदबख़ती पर आँसू बहा रहा था ।

राक़िम उल-हरूफ़ को भी इस वाक़िये का इलम नहीं होता अगर शादी ख़ाने के मालिक इतेला नहीं देते । जब हम ने इस वाक़िये के बारे में तफ़सीलात हासिल करना शुरू किए तब कई उसे इन्किशाफ़ात हुए जिस से इस बात का पता चला कि हमारे मुआशरा की दिन से दूरी और अख़लाक़ी बिगाड़ किस ख़तरनाक हद तक पहूंच गई है ।

बताया जाता है कि नौशा सोने चांदी की दुकान में काम करते हैं । चारमीनार के करीब वाक्ये उस दुकान में काम कर के वो माहाना मामूली रक़म बतौर तनख़्वाह हासिल कर लेता है । नाश‌ का आदी होने के बाइस सारी तनख़्वाह शराब पर ही ख़र्च होजाती है । इस हालत में भी इस ने लड़की वालों से 25 हज़ार रुपये जोड़े की रक़म , एक तौला सोना और जहेज़ का मुकम्मल सामान हासिल किया लेकिन इस ने कभी ये तसव्वुर तक ना क्या होगा कि शराब की आदत उसे इस क़दर रुसवा करेगी कि शादी के दिन ही खुला होजाएगा । लड़की के मामूं ने बताया कि उन की भांजी का रिश्ता मोईन बाग़ के रहने वाले लड़के से तए पाया था ।

शादी में दूल्हे वालों के इसरार पर 500 लोगों के खाने का इंतेज़ाम भी किया गया था । उन्हें इस बात पर कोई अफ़सोस नहीं कि शादी में तयार किया गया खाना लड़के वालों की तरफ से आए मेहमानों ने भी खाया बल्के उन लोगों ने अपने क़िस्मत का खाया है । अफ़सोस तो इस बात पर है कि शादी से पहले लड़के की अच्छी तरह दरयाफ़त नहीं की गई ।

इस बात का भी पता चला कि सिर्फ़ नौशा ही नशे की लत में मुबतला नहीं हैं बल्के उन के सारे अरकान ख़ानदान मिल बैठ कर अपना शौक़ पूरा करते हैं । लड़की के मामूं ने पर ज़ोर अंदाज़ में कहा अल्लाह का शुक्र है कि निकाह ही हुआ विदाई नहीं हुई वर्ना एक मासूम लड़की की ज़िंदगी हमेशा हमेशा के लिये तबाह होजाती ।

उन्हों ने ये भी बताया कि शराब में धुत नौशा पर पहले ही से मेहमान भी नाराज़ थे क्योंके वो रात पौने बारह बजे शादी ख़ाना पहूंचे थे । ये भी बताया गया कि दूल्हे से गले मिलते ही कुछ मेहमानों ने लड़की वालों को विदाई से गुरेज़ करने का मश्वरा दिया और कहा कि जो लड़का अपनी शादी के मुबारक मौके पर शराब में धुत हो वो किस तरह ज़िंदगी में अपनी बीवी का साथ दे सकता है ।

शराबियों पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता । ये नशे में अपनी बीवी बच्चों को फ़रोख़त करने से भी गुरेज़ नहीं करते । मेहमानों ने इस बात पर अफ़सोस का इज़हार किया कि क़ाज़ी साहिब 20 ता 25 मिनट नौशा के करीब रहे लेकिन उन्हें अंदाज़ा ही ना होसका कि उन के सामने जो दूलहा बैठा हुआ है वो हालतए नशे में है । क़ाज़ी साहिब का कहना है कि उन्हें बिलकुल पता नहीं चला कि दूलहा नशे में है ।

ताहम लड़की वालों ने क़ाज़ी को बताया कि वो ख़ला हासिल कररहे हैं क्योंके वो अपनी बेटी की ज़िंदगी कोयों ही तबाह करना नहीं चाहते । मामूं के मुताबिक़ तक़रीबा 100 मेहमानों का खाना बच गया था जिसे मेहमानों में ही तक़सीम करदिया गया । हम ने देखा कि लड़की वाले बहुत गरीब हैं । निकाह के फ़ौरी बाद ये लोग तमाम तफ़सीलात के साथ उलमाए जामिया निज़ामीया से रुजू हो कर इस मसले का शरई हल दरयाफ़त क्या ।

बताया जाता है कि दूल्हन के वालिद ऑटोरिक्शा चलाते हैं उन्हें तीन लड़कियां हैं जिन में से दूल्हन का दूसरा नंबर है । वो एस एस सी तक तालीम हासिल करचुकी है । इस वाक़िये पर लड़की और इस के सरपरस्तों को बहुत सदमा पहूँचा है लेकिन वो उसे अल्लाह की मस्लिहत से ताबीर करते हैं । इन का कहना है कि अल्लाह को मंज़ूर था वही हुआ । पुलिस संतोषनगर में दूल्हे ने अंदरून 15 यौम जोड़े की रक़म 25 हज़ार वापिस करने का वाअदा किया ।

बहरहाल ज़रूरत इस बात की है कि लड़कियों और लड़कों के रिश्ते तए करने के दौरान अच्छी तरह दरयाफ़त करलीं क्योंके इस तरह की दरयाफ़त से मुस्तक़बिल की शर्मिंदगी परेशानी और सदमों से महफ़ूज़ रहा जा सकता है ।

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