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शहला मसऊद क़त्ल : मुल्ज़िमीन की अदालती तहवील में 18 मई तक तौसीअ

आर टी आई रुकन शहला मसऊद क़त्ल में मुलव्वस ( भागीदार) तमाम मुल्ज़िमीन की अदालती तहवील में स्पेशल सी बी आई कोर्ट ने 18 मई तक तौसीअ ( तारीख् बढा देना) कर दी है।

आर टी आई रुकन शहला मसऊद क़त्ल में मुलव्वस ( भागीदार) तमाम मुल्ज़िमीन की अदालती तहवील में स्पेशल सी बी आई कोर्ट ने 18 मई तक तौसीअ ( तारीख् बढा देना) कर दी है।

भोपाल की इंटेरीयर डीज़ायनर ज़ाहिदा, उन की मुआविन ( सहायक/समर्थक) सबा फ़ारूक़ी और दीगर तीन मुबय्यना शूटर्स जिन के नाम साक़िब अली डैंजर, इर्फ़ान और ताबिश ख़ां बताए गए हैं, को सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत के जोडीशील मजिस्ट्रेट डाक्टर सुभरा सिंह के इजलास पर पेश किया गया था जहां उन की तहवील में 18 मई तक तौसीअ कर दी गई।

क़ब्लअज़ीं सी बी आई ने अदालत से तहवील में तौसीअ की दरख़ास्त की थी जिसे अदालत ने मंज़ूर करलिया। ज़ाहिदा पर इल्ज़ाम ( आरोप) है कि वो 32 साला शहला मसऊद के क़त्ल की अहम मंसूबा साज़ ( योजना का इंतेज़ाम करने वाला) है क्योंकि वो शहला मसऊद के बी जे पी एम एल ए ध्रुव नारायण सिंह से क़ुरबत (नज़दीकीपन) की वजह से परेशान थी। शहला मसऊद को भोपाल के पाश इलाक़ा कोह फ़िज़ा में उन के मकान से बाहर 16 अगस्त 2011 को क़त्ल कर दिया गया था।

हैरत इस बात पर होती है कि क़ातिल और मक़्तूल दोनों ही मुसलमान थे और उस वक़्त जारी रमज़ानुल मुबारक के मुक़द्दस महीना का भी ख़्याल नहीं रखा गया।

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