Wednesday , October 18 2017
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शादीयों में एक खाना एक मीठा तहरीक का मुसबित असर

रियासती अवाम ख़ुसूसन मुसलमानों में ज़ाहिद अली ख़ानसाहब एडीटर रोज़नामा सियासत की शख़्सियत , अवामी फ़लाह-ओ-बहबूद से मुताल्लिक़ उमूर में मिसाली-ओ-मुनफ़रद बन चुकी है चूँकि अवामी फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए ज़ाहिद अली ख़ानसाहब ना सिर्फ़ हमेशा फ़िक्

रियासती अवाम ख़ुसूसन मुसलमानों में ज़ाहिद अली ख़ानसाहब एडीटर रोज़नामा सियासत की शख़्सियत , अवामी फ़लाह-ओ-बहबूद से मुताल्लिक़ उमूर में मिसाली-ओ-मुनफ़रद बन चुकी है चूँकि अवामी फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए ज़ाहिद अली ख़ानसाहब ना सिर्फ़ हमेशा फ़िक्रमंद रहे हैं बल्कि अमली इक़दामात करते हुए मुख़्तलिफ़ कामयाब फ़लाही स्कीमात और प्रोग्राम्स पेश करते हुए हज़ारों मुस्लिम ख़वातीन-ओ-हज़रात और तलबा-ए-ओ- तालिबात को इन स्कीमात-ओ-प्रोग्राम्स से इस्तेफ़ादा करने का मौक़ा अता किया।

तालीमी समाजी दीनी पेशावराना तिब्बी स्कालरशिप और दुसरे शोबेजात पकवान से मुताल्लिक़ किताबों की इशाअत वग़ैरा शामिल हैं। अब एक नई तहरीक मुस्लिम शादीयों में सादगी से शादी में एक खाना एक मीठा का आग़ाज़ किया। जिस का मुसलमानों के हर घर से ख़ौरमक़दम किया जा रहा है।

कई अफ़राद ने अपनी लड़कीयों की शादियां सादगी से अंजाम देते हुए ज़ाहिद अली ख़ानसाहब की अपील को लब्बैक कहा। लड़के वालों के भी वलीमा तक़रीब में एक खाना एक मीठा रखा जा रहा है इस तरह तहरीक का मुसलमानों पर ये असर ज़ाहिर हो रहा हैके उनके लाखों रुपये जो इसराफ़ के नाम से ख़र्च हो रहे थे उसकी बचत हो रही है ना सिर्फ़ हैदराबाद बल्कि अज़ला में भी इस तहरीक का ख़ास्सा असर देखा जा रहा है।

आज मुदीर सियासत हर तहरीक की कामयाबी की ज़मानत बन चुके हैं चूँकि उन्हें ख़ाने काबा में दाख़िल होने की 3 मर्तबा सआदत हासिल हुई है। इसी लिए अल्लाह ने उनकी ज़बान और अमल में वो तास्सुर अता फ़रमाई हैके उनकी हर बात और हर तहरीक को मुस्लमान लब्बैक कह कर अमल कर रहे हैं।

ज़ाहिद अली ख़ान की तहरीक दिन बह दिन ज़ोर पकड़ती जा रही है। सिद्दिपेट में मुक़ीम बिज़नस मैन अबदुलसलीम साबिक़ सदर तंज़ीम अलमसाजद के फ़र्ज़ंद मुहम्मद अबदुलग़नी फ़ज़ल इंजीनियर हाल मुक़ीम जेद्दाह की शादी सालहावार सिया दुख़तर अबदुलाज़ीम वारसी मरहूम के साथ सईद फंक्शन हाल सईदाबाद हैदराबाद में इंतिहाई सादगी के साथ अंजाम पाई जिस में मेहमानों के लिए एक बिरयानी और एक मीठा का इंतेज़ाम किया गया था।

शादी की इस तक़रीब में ख़ुद ज़ाहिद अली ख़ानसाहब को बह नफ़स नफ़ीस मदऊ किया गया था जिन्होंने शिरकत करके दुल्हा दुल्हन के सरपरस्तों बिशमोल अरूस के सरपरस्त अबदुलक़ादिर साबिक़ सदर तंज़ीम अलमसाजद को मुबारकबाद पेश की और कहा कि साहिब हैसियत होने के बावजूद मुहम्मद अबदुलसलीम ने इंतेहाई सादगी के साथ शादी में एक खाना एक मीठा को पसंद किया। सिद्दिपेट में भी 21 मार्च को मुनाक़िद शुदणी वलीमा तक़रीब में भी इसी तरीके कार को अपनाने का फ़ैसला किया गया जिस में एक खाना एक मीठा पर अमल किया जाएगा। सादगी से अंजाम दी गईा।

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