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शादीशुदा होने का ऐलान करने मोदी को कई इलेक्शन लग गए

गुजरात में ख़वातीन की जासूसी पर भी तन्क़ीद, आडवाणी को ख़ारिज और अडानी को दाख़िल करलिया गया

गुजरात में ख़वातीन की जासूसी पर भी तन्क़ीद, आडवाणी को ख़ारिज और अडानी को दाख़िल करलिया गया

नायब सदर कांग्रेस राहुल गांधी ने आज नरेंद्र मोदी की शख़्सी ज़िंदगी को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि बी जे पी के विज़ारत-ए-उज़मा के उम्मीदवार को जो ख़वातीन के एहतेराम की बातें करते हैं, ख़ुद अपने शादीशुदा होने का एतराफ़ करने के लिए कई इलेक्शन लग गए।

उन्होंने अब तक कई इलेक्शन लड़े लेकिन कभी भी अपने शादीशुदा होने का एतराफ़ नहीं किया। ये पहली बार है कि उन्होंने इस का एतराफ़ किया है। राहुल गांधी का ये तबसरा मोदी के एतराफ़ पर पैदा होने वाले तनाज़े के सिलसिले में था। अपने हलफ़नामे में नरेंद्र मोदी ने अपने शादीशुदा होने का एतराफ़ करलिया।

लेकिन पहले उन्होंने हलफ़नामे का एक कालम ख़ाली छोड़ दिया था हालाँकि हलफ़नामे में तमाम कालमों को पर करने का लज़ूम है और क़ासिर रहने पर इलेक्शन कमीशन कार्रवाई भी करसकता है। मोदी पर गुजरात में ख़वातीन की जासूसी के सिलसिले में तन्क़ीद करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चीफ़ मिनिस्टर गुजरात के दफ़्तर ने पुलिस की एक टीम तशकील दी थी जो एक ख़ातून के टेलीफ़ोन टेप कररही थी।

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात जानना चाहते थे कि उन के अतराफ़-ओ-अकनाफ़ क्या होरहा है। उन्होंने कहा कि अगर इन मिसालों से बी जे पी का हक़ीक़ी चेहरा ज़ाहिर नहीं होता तो और क्या होता है। बी जे पी ये दावे कैसे करसकती है कि वो मुल्क गीर सतह पर ख़वातीन को बाइख़तियार बनाएगी।

राहुल गांधी ने कहा कि मुल्क को अमन, तरक़्क़ी और ख़ुशहाली की ज़रूरत है और ये इत्तेहाद के ज़रीये ही मुम्किन है। जबकि बी जे पी इंतिशार की सियासत में शामिल‌ है। राहुल गांधी ने याददेहानी की कि बी जे पी ने इंडिया शाइनिंग मुहिम चलाई थी जो बुरी तरह नाकाम रही।

उन्होंने कहा कि बी जे पी ने कांग्रेस के इंतेख़ाबी मंशूर से कुछ इक़तिबासात चलो कर अपना मंशूर पेश किया है। उन्होंने मोदी के कॉरपोरेट घराने अडानी के साथ रवाबित को भी तन्क़ीद का निशाना बनाया और कहा कि बी जे पी ने पहले आडवाणी को ख़ारिज किया फिर जसवंत सिंह को ख़ारिज किया लेकिन अडानी की हुकूमत हुनूज़ बरक़रार है।

ख़ुद नरेंद्र मोदी ने अपनी एक इंतेख़ाबी तक़रीर में कहा था कि अडानी हुकूमत जारी रहेगी। कई दिनों में ये दूसरी मर्तबा है जबकि राहुल गांधी ने मोदी के अडानी ग्रुप के साथ ताल्लुक़ात को तन्क़ीद का निशाना बनाया है। कल उदेपुर के एक इंतेख़ाबी जलसे में भी उन्होंने ऐसा ही किया था।

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